यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास, लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन यास्तिका भाटिया ने शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। वे लॉर्ड्स के मैदान पर शतक जड़ने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनी गई हैं।

विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। उन्होंने इतिहास रच दिया। उनसे पहले किसी भी महिला क्रिकेटर ने लॉर्ड्स टेस्ट में शतक नहीं लगाया था। उनका नाम अब लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के ऑनर बोर्ड पर लिखा जाएगा। उनके शानदार शतक की बदौलत भारत ने एकमात्र टेस्ट के तीसरे दिन चाय के विश्राम से पहले दूसरी पारी सात विकेट पर 341 रन पर घोषित कर इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा।
यास्तिका ने खेली 113 रनों की ऐतिहासिक पारी
बाएं हाथ की बल्लेबाज यास्तिका ने 158 गेंदों में 14 चौके सहित 113 रन की शानदार पारी खेली जिससे भारत ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत की। यास्तिका ने लंच के बाद के सत्र में 91 रन से आगे खेलते हुए चाय ब्रेक के ठीक पहले वाले ओवर में शतक पूरा किया। उन्होंने इसी वोंग की गेंद पर एक रन लेकर अपना यादगार पहला टेस्ट शतक जड़ा। इस मशहूर स्टेडियम पर खेले जा रहे पहले महिला टेस्ट मैच में ऋचा घोष की 52 गेंदों में आठ चौके से नाबाद 50 रन की पारी के बाद भारत ने सात विकेट पर 341 रन पर अपनी दूसरी पारी घोषित की। दूसरे सत्र में तीन विकेट गिरे जिसमें यास्तिका का विकेट भी शामिल था। दीप्ति शर्मा (10 रन) और यास्तिका के आउट होने के बाद ऋचा ने आक्रामक अंदाज में अर्धशतक लगाया जो उनका तीसरा टेस्ट अर्धशतक था।
इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने शानदार गेंदबाजी की, वह टीम की सबसे सफल गेंदबाज रहीं जिन्होंने 33.3 ओवर में 118 रन देकर पांच विकेट लिए। मैच बचाने की कोशिश में जुटी घरेलू टीम के लिए अब चुनौती काफी बड़ी है। दूसरी पारी एक विकेट पर 154 रन पर शुरू करने के बाद सुबह के सत्र में तीन विकेट गिरने के बावजूद भारत तीसरे दिन लंच तक चार विकेट पर 250 रन तक पहुंच गया, तब यास्तिका अपने यादगार शतक की ओर बढ़ रही थीं। स्मृति मंधाना (70 रन, 130 गेंद) सत्र की शुरुआत में ही लॉरेन बेल की गेंद पर लेग-साइड की ओर कैच आउट हो गईं। तेज गेंदबाज बेल इस सत्र की सबसे सफल गेंदबाज रहीं, उन्होंने मंधाना के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स (12 गेंद में तीन रन) को भी पवेलियन भेजा। उनकी रोड्रिग्स को डाली गई गेंद शानदार थी जो तेजी से अंदर की ओर मुड़कर स्टंप्स से जा टकराई।
हरमनप्रीत कौर (34 गेंद में 16 रन) लय में नहीं दिखीं और आखिरकार बाएं हाथ की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन का शिकार बनीं। एक्लेस्टोन ने भारतीय कप्तान को सीधी गेंद पर पगबाधा आउट किया। मैदान पर मौजूद अंपायर ने शुरुआत में उन्हें आउट नहीं दिया, लेकिन एक्लेस्टोन ने डीआरएस लिया और फैसला उनके पक्ष में गया। यास्तिका की बल्लेबाजी की खासियत स्पिनरों के खिलाफ पैरों का अच्छा इस्तेमाल और तेज गेंदबाजों के खिलाफ शानदार स्ट्रेट ड्राइव रही। सुबह यास्तिका ने 39 रन से पारी आगे बढ़ाते हुए दिन की शुरूआत बेल की गेंद पर बेहतरीन स्ट्रेट ड्राइव के साथ की। बेल की गेंद पर एक और स्ट्रेट ड्राइव लगाकर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। पहली पारी में 285 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने दूसरे दिन इंग्लैंड को 170 रन पर आउट करके मैच पर पकड़ बना ली थी।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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