शतक जड़ने के बावजूद यास्तिका भाटिया को नहीं मिला प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड, इस प्लेयर ने मारी बाजी

लाइव हिन्दुस्तान
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भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में यास्तिका भाटिया के शानदार शतक के बावजूद उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड नहीं दिया गया है। स्मृति मंधाना ने मैच में सर्वाधिक रन बनाए लेकिन उन्हें भी नहीं मिला। तो फिर किसे मिला जानिए।

Despite scoring a century Yastika Bhatia did not win Player of the Match award

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार कोई टेस्ट मैच खेला गया। इस मुकाबले को भारत ने 270 रनों से जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली टीम बनी है। भारत की इस जीत में यास्तिका भाटिया का अहम योगदान रहा। उन्होंने भारत की दूसरी पारी में शानदार शतक लगाया और 113 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी के कारण ही भारत इंग्लैंड के सामने 457 रनों का लक्ष्य रख पाया। हालांकि, इस दमदार पारी के बावजूद यास्तिका भाटिका को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड नहीं मिला है। उनके बजाय प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब क्रांति गौड़ ने जीता है।

क्रांति ने पहली पारी में 17 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 7 मेडन के साथ 37 रन दिए थे और 5 विकेट चटकाए थे। उनकी इस घातक गेंदबाजी के कारण ही इंग्लैंड की टीम 170 रनों पर पहली पारी में ऑलआउट हो गई थी। क्रांति ने पहली पारी में तो धारदार गेंदबाजी की ही, उन्होंने दूसरी पारी में भी कमाल का प्रदर्शन किया। दूसरी पारी में क्रांति गौड़ ने 11 ओवर की गेंदबाजी में 54 रन दिए और 2 विकेट लिए। पूरे मैच में क्रांति ने कुल 7 विकेट चटकाए और मैच को जीतने में अहम भूमिका निभाई। यही कारण है कि उन्हें यास्तिका भाटिया की जगह प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब दिया गया। यास्तिका भाटिया पहली पारी में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थीं और सिर्फ 12 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गई थीं। हालांकि, उन्होंने दूसरी पारी में शतक जड़ दिया था।

लॉर्ड्स में क्रांति गौड़ ने जीता प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड

इस मैच में स्मृति मंधाना ने भी शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन किस्मत इतनी खराब की दोनों ही पारियों में शतक बनाने से चूक गईं। पहली पारी में उन्होंने 83 रन बनाए और दूसरी पारी में 70 रनों का योगदान दिया। इस मैच में स्मृति मंधाना सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर 153 रन बनाए लेकिन प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब नहीं दिया गया। क्रांति गौड़ और यास्तिका भाटिया दोनों ने इस मुकाबले में इतिहास रचा। क्रांति जहां लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली और फाइफर लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं, वहीं यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं।

भारत और इंग्लैंड लॉर्ड्स टेस्ट मैच का संक्षिप्त स्कोरकार्ड

ENGW- 170 & 186

INDW 285 & 341 /7d

भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। इंग्लैंड 170 पर ऑलआउट हो गई। भारत को पहली पारी में 115 रनों की बढ़त मिला। दूसरी पारी में 341/7 पारी घोषित की। इंग्लैंड के सामने 457 रनों का लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में इंग्लैंड 186 रन ही बना सकी और 270 रनों से हार गई।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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