पहले पिच पर मढ़ा दोष, फिर स्वीकार की गलती, दूसरी हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान बोले- मैं टीम को निराश कर रहा..
भारत बनाम जिम्बाब्वे दूसरे टी-20 मैच में 90 रनों से मिली विशाल हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने क्या बयान दिया है। पहले मैच में मिली हार के बाद उन्होंने पिच को दोषी ठहराया था। इससे पहले दोनों टीमों के बीच कांटे के टक्कर वाली बात कही थी। अब क्या बोले हैं।

भारत ने जिम्बाब्वे को तीन टी-20 मैचों की सीरीज में 2-0 से हरा दिया और अभी 1 मुकाबला होना शेष है। टीम इंडिया ने दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रनों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने 7 विकेट से जीत हासिल की थी। सीरीज शुरू होने से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने भारत को सीरीज की जीत का दावेदार नहीं माना था और कहा था कि मकुाबला फिफ्टी- फिफ्टी का था। हालांकि, जब पहले मैच में भारत से 7 विकेट की करारी हार मिली तब भी जिम्बाब्वे के कप्तान ने कहा कि पिच भारतीय टीम को फेवर कर गई। अगर हम टॉस जीतते तो शायद नतीजा कुछ और होता। अब जब दूसरा मैच भी भारत के हाथों हार गए हैं तब मैच के बाद उनका क्या बयान आया है आपको बताते हैं।
भारतीय बल्लेबाजों की सराहना की
पहली पारी में मैच हाथ से निकल जाने के बारे में बात करते हुए जिम्बाब्वे के कप्तान ने कहा- “मुझे लगा कि लड़कों ने बीच-बीच में अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन भारत को भी श्रेय जाता है। उन्होंने जो शॉट खेले और आज जो कौशल दिखाया, वह वाकई सराहनीय था। हम काफी समय से कह रहे हैं कि हम फील्डिंग में और बेहतर कर सकते हैं और अगर फील्डिंग विभाग गेंदबाजों का थोड़ा और साथ दे, तो विपक्षी टीम पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। लेकिन मैं भारतीय बल्लेबाजों की काबिलियत को कम नहीं आंकना चाहता। आज उन्होंने जो प्रदर्शन किया, उससे हम निश्चित रूप से सीख सकते हैं।”
ईशान किशन की पारी को सराहा
ईशान की पारी के बारे में बात करते हुए रजा ने कहा- “ईशान ने यह प्रदर्शन नियमित रूप से और लगातार किया है। मुझे लगता है कि वह बहुत अच्छी फॉर्म में हैं और बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं, खासकर नंबर तीन पर जो कि एक बहुत ही मुश्किल भूमिका हो सकती है। उन्होंने और तिलक ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की और जैसा कि मैंने कहा उनके पास जो कौशल है और आज उन्होंने जो दिखाया, उससे हम सीख सकते हैं। उम्मीद है, इससे हमें भी सुधार करने में मदद मिलेगी।”
लक्ष्य का पीछा करते वक्त कैसी थी सोच
220 रनों का पीछा करने के बारे में अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए सिकंदर रजा ने कहा “हम हमेशा से ही लक्ष्य के लिए प्रयास करने वाले थे। हमारे सलामी बल्लेबाजों को देखें तो उन्होंने हमें बिल्कुल वैसी ही शुरुआत दी जिसकी हमें जरूरत थी। दुर्भाग्य से, कभी-कभी अनुभवहीनता और कभी-कभी शॉट चयन की वजह से हम पिछड़ जाते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुझे लगता है कि कप्तान के तौर पर बल्लेबाजी में मैं टीम को निराश कर रहा हूं। इसे सुधारने की जिम्मेदारी मेरी है क्योंकि टीम को मेरे रनों की जरूरत है और दुर्भाग्य से पिछले दो टी20 मैचों में ऐसा नहीं हो पाया है। लेकिन, मैं इसे सुधारने की पूरी कोशिश करूंगा क्योंकि टीम को मेरे रनों की वाकई बहुत जरूरत है।”



