
जॉन कैंपबेल ने छक्का लगाकर क्यों पूरा किया शतक? बोले- मैंने देखा कि रवींद्र जडेजा ऐसा कर रहे हैं तो...
वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल ने भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में छक्का लगाकर शतक पूरा किया। यह उनका पहला टेस्ट शतक है। कैंपबेल ने शतक जड़ने के बाद कहा कि इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल सोमवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अपना पहला टेस्ट शतक लगाने के बाद भावुक हो गए और कहा कि समझदारी से शॉट चयन करना उनके लिए कारगर रहा। फॉलोऑन खेलने के बाद कैंपबेल (155 रन, 199 गेंद में) और शाई होप (103 रन, 214 गेंद में) ने तीसरे विकेट के लिए 177 रन की साझेदारी की, जिससे वेस्टइंडीज ने शानदार वापसी करते हुए मैच को पांचवें दिन तक खिंचने में सफल रहे।

कैंपबेल ने कहा, ‘‘इस पारी में मेरा शॉट चयन काफी सधा हुआ था। मुझे स्वीप खेलने में हमेशा से मजा आता है। शुक्र है, यह मेरे लिए कारगर रहा।’’ वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 390 रन बनाये और भारत को 121 रनों का लक्ष्य दिया। स्टंप्स के समय भारत 2-0 की क्लीन स्वीप से 58 रन दूर था। कैम्पबेल इस तरह 23 साल बाद भारत में टेस्ट शतक बनाने वाले वेस्टइंडीज के पहले सलामी बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले वेवेल हाइंड्स ने 2002 में ईडन गार्डन्स में शतक बनाया था। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर लांग ऑन पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया।
उन्होंने छक्का लगाकर शतक पूरा करने के बारे में पूछ जाने पर कहा, ‘‘इस गेंद से पहले मैंने देखा कि जडेजा मिड-ऑन के फील्डर को करीब बुला रहे है। ऐसे में मैंने फील्डर के ऊपर से शॉट खेलने का मन बनाया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं दूसरी पारी में टीम के लिए योगदान देखकर खुश हूं।’’ वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में अच्छी चुनौती पेश की लेकिन यह पर्याप्त नहीं था क्योंकि भारत को दूसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच को जीतने और सीरीज में क्लीनस्वीप करने के लिए अब केवल 58 रन की जरूरत है।
वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में 390 रन बनाकर भारत के सामने 121 रन का लक्ष्य रखा। भारत ने सोमवार को चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 63 रन बनाए हैं। अहमदाबाद में खेले गए पहले टेस्ट मैच को पारी और 140 रन के अंतर से जीतने वाले भारत ने अपनी पहली पारी पांच विकेट पर 518 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी जिसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 248 रन ही बना पाई थी और उसे फॉलोऑन करना पड़ा था।





