भारत ने श्रीलंका XI से 6 रन कम रहते क्यों घोषित की पारी? देवदत्त पडिक्कल चूके
श्रीलंका XI के खिलाफ जारी वॉर्मअप टेस्ट के तीसरे दिन भारत ने अपनी पारी 357 रनों पर घोषित कर दी। देवदत्त पडिक्कल ने 142 रनों की नाबाद पारी खेली। श्रीलंका XI ने पहली इनिंग में 363 रन पर घोषित की थी।

इंडिया वर्सेस श्रीलंका XI वॉर्म अप मैच कोलंबो में जारी है। मैच के तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने अपनी पारी 357 रनों पर घोषित कर दी। देवदत्त पडिक्कल 142 रन बनाकर नाबाद रहे, वहीं गुरनूर बरार ने 18 गेंदों पर तूफानी अंदाज में 36 रन बनाए। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी श्रीलंका XI से 6 रन कम रहते घोषित कर दी। श्रीलंका ने इतने रन की लीड के साथ अपनी दूसरी पारी की शुरुआत कर दी है। ऐसे में कई फैंस के जहन में सवाल है कि टीम इंडिया ने श्रीलंका पर लीड क्यों नहीं जबकि उनके हाथ में 4 विकेट अभी भी बाकी थे और देवदत्त पडिक्कल अभी भी क्रीज पर थे?
तो बता दें, यह सिर्फ एक प्रैक्टिस मैच है। भारतीय टीम की नजरें श्रीलंका XI पर लीड हासिल करने से ज्यादा खिलाड़ियों की प्रैक्टिस पर है। टीम चाहती थी कि उनके गेंदबाजों को एक बार फिर पूरा दिन गेंदबाजी करने का मौका मिले ताकि वह श्रीलंकाई कंडीशन में अच्छा प्रदर्शन कर सके। वहीं अगर दिन का अंत होने से पहले अगर श्रीलंका की टीम दूसरी पारी में सिटम जाती है तो भारत के पास फिर से बल्लेबाजी करने का मौका होगा।
देवदत्त पडिक्कल चूके
देवदत्त पडिक्कल पहले शतक बनाकर रिटायर हर्ट हो गए। जब भारत के कुछ विकेट गिरे तो वह एक बार फिर बैटिंग करने के लिए आए। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक वह 142 रन बनाकर नाबाद रहे थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के पास 150 या फिर 200 रन बनाने का भी मौका था, मगर टीम मैनेजमेंट के फैसले की वजह से उन्हें वापस पवेलियन लौटना बड़ा।
भारतीय बल्लेबाजों ने छोड़ी छाप
देवदत्त पडिक्कल के अलावा रवींद्र जडेजा ने फिफ्टी लगाई। जडेजा शुभमन गिल की गौरमौजूदगी में नंबर-4 पर बैटिंग करने आए थे और उन्होंने 63 रनों की शानदार पारी खेली। अगर गिल 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले फिट नहीं हो पाते तो जडेजा नंबर-4 के शानदार विकल्प साबित हो सकते हैं।
इसके अलावा निचले क्रम में मानव सुथार ने 40 रन बनाए, जबकि गुरनूर बरार ने अंत में पावरहिटिंग कर बताया कि उनमें बल्लेबाजी करने का भी दम है।
यशस्वी जायसवाल इस मैच में खाता भी नहीं खोल पाए, जबकि ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल जैसे बल्लेबाज ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। अगर भारत को दूसरी बार बैटिंग करने का मौका मिलता है तो टीम इंडिया इन तीनों की प्रैक्टिस जरूर कराना चाहेगी।



