मैच हारने के बाद श्रीलंका को लगे डबल झटके, कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल बाहर
भारत के खिलाफ कोलंबो होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल बाहर हो गए हैं। रविवार से शुरू होने वाले इस मैच के लिए पथुम निसंका के भी समय पर फिट होने की उम्मीद कम है।

भारत के खिलाफ कोलंबो होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल बाहर हो गए हैं। रविवार से शुरू होने वाले इस मैच के लिए पथुम निसंका के भी समय पर फिट होने की उम्मीद कम है। लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) के शुरुआती दौर में हैमस्ट्रिंग की चोट लगने के बाद से मेंडिस ने कोई भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। टेस्ट टीम में उनकी जगह निरोशन डिकवेला को शामिल किया गया था, और पहली पारी में 80 रन बनाने के बाद, डिकवेला के अपनी जगह बनाए रखने की संभावना है।
दिनेश चांदीमल हुए बाहर
वहीं, चांदीमल दूसरे टेस्ट से अपने आप बाहर हो गए हैं क्योंकि आईसीसी के नियमों के अनुसार, सिर में चोट के कारण सब्स्टीट्यूट किए गए खिलाड़ी सात दिनों तक नहीं खेल सकते। गॉल में चौथे दिन उनके बाहर होने से पसिनदु सूरियाबंदारा के डेब्यू का रास्ता साफ हुआ। सूरियाबंदारा अपनी पहली टेस्ट पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए थे, लेकिन फिर भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रख सकते हैं।
वहीं, निसांका जून में हुई अपनी कलाई की सर्जरी से उबरने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। माना जा रहा है कि वह मेंडिस की तुलना में मैच के लिए फिट होने के ज़्यादा करीब हैं, लेकिन बल्लेबाजी करते समय उन्हें अभी भी परेशानी हो रही है।
श्रीलंका ने नहीं किया टीम का ऐलान
श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन ने कहा, “कुसल मेंडिस को हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट लगी है और वह कुछ समय तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। दिनेश भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इस नज़रिए से हमारे कुछ खिलाड़ी टीम में नहीं हैं, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए आगे आने और अपनी जगह पक्की करने का अच्छा मौका बनता है। ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका इस देश में फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। यह उनके लिए एक अच्छा मौका है।” श्रीलंका ने अभी तक दूसरे टेस्ट के लिए टीम की घोषणा नहीं की है। एसएलसी ने इस सीरीज से पहले जो टीम घोषित की थी, वह केवल पहले टेस्ट के लिए थी।
भारत ने बुधवार को पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन श्रीलंका की पूरी टीम को दूसरी पारी में 206 रनों पर समेट कर मुकाबला 165 रनों से अपने नाम कर लिया। यह 600वें टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत है। इस जीत के साथ भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। देवदत्त पड़िक्कल को उनकी (167) रनों की शानदार शतकीय पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला।



