ऋषभ पंत ने गंवाया श्रीलंका में इतिहास रचने का मौका, जो धोनी नहीं कर पाए वो कारनामा कर सकते थे
ऋषभ पंत कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में 63 रन बनाकर आउट हो गए। उनके पास शतक जड़ने का मौका था, मगर एक बार फिर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में उन्होंने फैंस का दिल तोड़ दिया।

ऋषभ पंत के पास श्रीलंका में भारतीय विकेट कीपर टेस्ट शतक जड़ने का शानदार मौका था, मगर उन्होंने एक खराब शॉट खेलकर इस मौके को गंवा दिया। पंत कोलंबो में जारी दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 63 रन बनाकर आउट हुए। लंच के ठीक बाद पहली गेंद पर पंत लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्के लगाना चाहते थे, मगर वह गेंद को कनेक्ट नहीं कर पाए। अगर वह थोड़ा संयम दिखाते और अपने अर्धशतक को शतक में तबदील करते तो पंत इतिहास रच सकते थे। दरअसल, आज तक किसी भारतीय विकेट कीपर बल्लेबाज ने श्रीलंकाई सरजमीं पर टेस्ट शतक नहीं जड़ा है। जी हां, एमएस धोनी से लेकर ऋद्धिमान साहा तक कोई भी भारतीय विकेट कीपर ऐसा नहीं कर पाया है।
धोनी के नाम हाईएस्ट स्कोर का रिकॉर्ड
एमएस धोनी के नाम श्रीलंका दौरे पर बतौर भारतीय विकेट कीपर बल्लेबाज हाईएस्ट स्कोर का रिकॉर्ड है। माही ने 2010 में श्रीलंका दौरे पर 76 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली थी। उनके बाद इस लिस्ट में पूर्व विकेट कीपर ऋद्धिमान साहा का नाम है, जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ एक पारी में 67 रन बनाए थे। साह के नाम बतौर भारतीय विकेट कीपर श्रीलंका में सबसे अधिक 230 रन बनाने का भी रिकॉर्ड है। उनके अलावा कोई 200 रन का आंकड़ा तक नहीं पार कर पाया है। धोनी ने यहां खेले 3 मैचों की 4 पारियों में 128 ही रन बनाए थे। वहीं ऋषभ पंत 2 मैचों की 3 पारियों में 168 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर 66 रन का रहा है, जो उन्होंने गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में बनाया था।
ऋषभ पंत को नहीं मिलेगा एक और मौका
श्रीलंका दौरे पर भारत को दो ही टेस्ट मैच खेलने थे। पहले टेस्ट में भी पंत ने फिफ्टी जड़ी थी, मगर वह उसे शतक में तबदील नहीं कर पाए थे। कोलंबो में उनके पास शतक जड़ इतिहास रचने का मौका था, मगर उन्होंने यह मौका भी गंवा दिया। अब पंत को एक और मौका मुश्किल ही मिलेगा।
दरअसल, भारतीय टीम पहली पारी में ही 450 से अधिक रन बोर्ड पर लगा चुकी है। जिस तरह की कोलंबो की पिच दिखाई दे रही और जिस तरह का भारतीय बॉलिंग अटैक है, उसे देखकर लगता नहीं कि टीम इंडिया को दूसरी बार बैटिंग करने की जरूरत पड़ेगी। अगर जरूरत पड़ी भी तो भारतीय टॉप ऑर्डर इतना मजबूत है कि पंत कि बैटिंग नहीं आने देगा। ऐसे में इस बार तो पंत के हाथों से मौका फिसल गया है, अब देखना होगा कि भारतीय टीम अगली बार श्रीलंका का दौरा कब करती है।



