देवदत्त पडिक्कल ने फ्लेमिंग को पीछे छोड़ा, श्रीलंका में तीसरे नंबर पर बनाए सबसे ज्यादा रन
देवदत्त पडिक्कल रविवार को श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के दौरान तीसरे नंबर पर बतौर मेहमान बैटर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने जारी सीरीज में दो शतक लगाए हैं।

भारतीय टीम के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल खेल के सबसे लंबे प्रारूप में शानदार फॉर्म से गुजर रहे हैं। उन्होंने श्रीलंका की सरजमीं पर उतरने के बाद से तीन शतक लगा दिए हैं। उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान पहले और अब दूसरे मैच में शतक लगाया। जबकि इससे पहले तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच में भी देवदत्त ने शतक मारा था। देवदत्त ने रविवार को कोलंबो टेस्ट में 168 गेंदों का सामना करते हुए सीरीज में दूसरी सेंचुरी मारी, उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहले दिन 85 ओवर में 5 विकेट खोकर 300 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने श्रीलंका में एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
फ्लेमिंग से आगे निकले
देवदत्त पडिक्कल बतौर मेहमान बैटर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग के नाम था, जिन्होंने 2003 के दौरे पर 307 रन बनाए थे, जहां उनकी टीम ने दो मैच खेले थे। तीसरे नंबर के अलावा जो रूट ने 2021 में 476 रन बनाए थे। देवदत्त सीरीज में 328 रन बना चुके हैं।
पडिक्कल को मिले जीवनदान
उन्होंने सिर्फ छह पारियों में अपना दूसरा शतक जड़कर चेतेश्वर पुजारा के उस खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जिसमें लगातार विदेशी टेस्ट मैचों में शतक लगाने का कारनामा शामिल है। इस लंबे कद के बाएं हाथ के बल्लेबाज ने गॉल में शानदार 167 रन बनाने के बाद सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अपना शतक पूरा किया। उनकी छह टेस्ट पारियों में अब दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। शतक के करीब पहुंचते समय पडिक्कल ने गजब का संयम दिखाया। 'पॉइंट' के सामने दो सटीक 'कट' शॉट खेलकर वे 91 से 99 रन पर पहुंचे और फिर प्रभात जयसूर्या की हवा में आती गेंद को आराम से 'लॉन्ग-ऑन' की तरफ खेलकर एक रन लिया और अपना शतक पूरा किया।
श्रीलंका के पास पारी का रुख बदलने के मौके थे, क्योंकि पडिक्कल को शून्य और एक रन के स्कोर पर जीवनदान मिला था। हालांकि दूसरा मौका बहुत मुश्किल था, लेकिन ये छूटे हुए मौके अंततः भारी पड़े क्योंकि कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने बेहद नियंत्रित पारी खेलकर मेजबान टीम को कड़ा सबक सिखाया। पडिक्कल के इस शतक ने उन्हें एक खास उपलब्धि की बराबरी करने में भी मदद की, जिसे आखिरी बार पुजारा ने 2018-19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान हासिल किया था। पुजारा ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 106 रन बनाए थे और उसके बाद सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर शानदार 193 रनों की पारी खेली थी।



