
विराट कोहली ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, एक सीरीज में जड़ दिए सबसे ज्यादा छक्के
भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में कुल 12 छक्के जड़े, जो उनके पूरे वनडे करियर में किसी भी द्विपक्षीय सीरीज या किसी टूर्नामेंट में लगाए गए सर्वाधिक छक्के हैं।
भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन किया। वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे। विराट कोहली ने लगातार दो मैचों में शतक ठोका और तीसरे मैच में ताबड़तोड़ अर्धशतक लगाया। विशाखापत्तनम में खेले गए मुकाबले में विराट कोहली ने दमदार पारी खेली और तीन छक्के, 6 चौके की मदद से 45 गेंद में 65 रन की पारी खेली। इसके साथ ही विराट कोहली ने एक वनडे सीरीज में सर्वाधिक छक्के लगाने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने न केवल रनों का अंबार लगाया, बल्कि छक्के मारने के मामले में भी अपने करियर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में कोहली ने कुल 12 छक्के जड़े, जो किसी भी वनडे सीरीज या टूर्नामेंट में उनके द्वारा लगाए गए सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड है। इससे पहले विराट ने श्रीलंका के खिलाफ 2022-23 सीरीज में नौ छक्के जड़े थे और फिर 2023 वनडे विश्व कप में नौ छक्के मारे थे। कोहली ने तीन मैचों की सीरीज में अविश्वसनीय बल्लेबाजी की। उन्होंने दो शतक और एक अर्धशतक की मदद से कुल 302 रन बनाए और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार जीता।
प्लेयर ऑफ द सीरीज पुरस्कार से नवाजे गये विराट कोहली ने कहा, "इस सीरीज में जिस तरह से मैंने खेला है, वह मेरे लिए सबसे संतोषजनक रहा है। मैं बहुत फ्री महसूस कर रहा हूं, पूरा खेल एक साथ जुड़ता हुआ लग रहा है। मैंने अपने स्टैंडर्ड को बनाए रखने और प्रभाव छोड़ने की कोशिश की है। मैं लंबी पारी खेल सकता हूं और परिस्थिति के अनुसार ढल सकता हूं। कई बार ऐसा होता है जब आपको संदेह होता है। आप घबराते भी हैं, खासकर बल्लेबाज़ी में, जहां एक गलती महंगी पड़ सकती है। यह एक पूरी यात्रा है बेहतर बनने की, एक बेहतर इंसान बनने की।
उन्होंने आगे कहा, ''मुझे खुशी है कि मैं अभी भी टीम के लिए योगदान दे पा रहा हूं। जब मैं खुलकर खेलता हूं, तो मुझे पता है कि मैं छक्के मार सकता हूं। मैं बस अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहता था और अच्छा करना चाहता था। पहली पारी इस सीरीज़ की मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी थी। ऑस्ट्रेलिया के बाद मैंने नहीं खेला था, उस दिन की ऊर्जा ने जोखिम लेने में मदद की। उसने मुझे एक ऐसे तरीके से खोल दिया, जैसा मैंने लंबे समय से महसूस नहीं किया था। मैं इस बात के लिए आभारी हूं कि मैच कैसे गए। 'मस्ट-विन' परिस्थितियां हमें हमारा सर्वश्रेष्ठ निकालने पर मजबूर करती हैं। मैं योगदान देना चाहता था। खुशी है कि रोहित और मैं आज भी टीम की मदद कर पा रहे हैं।"






