
कोहली का शतक बर्बादी से बचा, बॉश ने अटकाई टीम इंडिया की सांसें; पहले वनडे सिर्फ इतने रन से हारा SA
India vs South Africa: भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में बढ़त हासिल कर ली है। दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के शतक दम पर भारत ने पहले वनडे में विशाल स्कोर खड़ा किया था।
भारत ने रविवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में 17 रनों से रोमांचक जीत दर्ज की। दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली का ऐतिहासिक शतक बर्बाद होने से बाल-बाल बचा। साउथ अफ्रीका ने रांची में 350 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 49.2 ओवर में 332 रन बनाए। एक समय साउथ अफ्रीका की टीम 130 रनों पर पांच विकेट गंवाकर जूझ रही थी। वहीं, आठवें नंबर पर बैटिंग करने उतरे कॉर्बिन बॉश ने टीम इंडिया की सांसें अटका दी थीं। उन्होंने 51 गेंदों में पांच चौकों और चार छक्कों की मदद से 67 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और चार सिक्स शामिल हैं।
साउथ अफ्रीका की शुरुआत खराब रही। हर्षित राणा ने दूसरे ओवर में रियान रिकेल्टन और क्विंटन डिकॉक का शिकार किया। दोनों शून्य पर लौटे। कार्यवाहक कप्तान एडेन मार्कराम (7) का बल्ला नहीं चला। मैथ्यू ब्रीट्जके (80 गेंदों में 72) ने टोनी डी जोरजी (35 गेंदों में 39) के संग चौथे विकेट के लिए 66 रनों की पार्टनरशिप की। उन्होंने डेवाल्ड ब्रेविस (28 गेंदों में 37) के साथ 53 रनों की साझेदारी। ब्रीट्जके ने मार्को जानसेन (39 गेंदों में 70) के साथ छठे विकेट के लिए 97 रन जोड़े। कुलदीप ने दोनों को 34वें ओवर में पवेलियन की राह दिखाई।
जानसेन और ब्रीट्जके के आउट होने बाद बॉश खूंटा गाड़कर खड़े हो गए। उन्होंने सुब्रायन (17) और नांद्रे बर्गर (17) के साथ आठवें और नौवें विकेट के लिए 42-42 रनों की पार्टनरशिप की। बॉश ने 44वें ओवर में साउथ अफ्रीका को 300 के पार पहुंचाया। साउथ अफ्रीका को अंतिम दो ओवर में 27 रना चाहिए थे। बॉश ने अर्शदीप सिंह द्वारा डाले गए 49वें ओवर में एक सिक्स समेत 9 रन बटोरे। साउथ अफ्रीका को आखिरी ओवर में 18 रन जबकि भारत को एक विकेट चाहिए थे। प्रसिद्ध कृष्णा ने दूसरी गेंद पर बॉश को आउट कर भारत को जीत दिलाई। भारत की ओर से कुलदीप ने सर्वाधिक चार विकेट लिए। हर्षित ने तीन जबकि अर्शदीप को दो विकेट मिले।
इससे पहले, भारत ने टॉस गंवाने के बाद कोहली शतक के शतक की बदौलत आठ विकेट पर 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कोहली ने 120 गेंदों में 135 रनों की पारी खेली, जिसमें 11 चौके और सात छक्के हैं। यह कोहली का 52वां वनडे शतक था। वह सचिन तेंदुलकर (51 टेस्ट सेंचुरी) को पछाड़कर एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले प्लेयर बन चुके हैं। भारत के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट खेलने वाले कोहली ने अपनी अहमियत और दबदबे को फिर साबित किया। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा (51 गेंद में 57 रन) के साथ 136 रन की साझेदारी की।
रोहित के पास भी खुद को साबित करने का एक शानदार मंच था। उन्होंने एक रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाया और मार्को यानसन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू होने से पहले अर्धशतक ही बना सके। पिच सपाट थी लेकिन साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने भी सही लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी नहीं की। मार्को यानसन, नांद्रे बर्गर, कॉर्बिन बॉश और ओटनील बार्टमैन ने दो-दो विकेट लिए। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (18 रन) बर्गर की गेंद पर बल्ला छुआकर आउट हो गए जिसके बाद कोहली क्रीज पर उतरे।
कोहली ने बॉश की गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि रोहित ने एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया, जिससे भारत ने जल्दी ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया। ऋतुराज गायकवाड़ (14 गेंदों में 8) और पांचवें नंबर पर उतारे गए वॉशिंगटन सुंदर (19 गेंदों में 13) जल्दी जल्दी आउट हो गए लेकिन कोहली डटे रहे। कोहली ने कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने (56 गेंदों में 60) के साथ पांचवें विकेट के लिए 76 रनों की साझेदारी। प्लेयर ऑफ द मैच कोहली 43वें ओवर में आउट हुए। राहुल और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (20 गेंदों में 30) ने छठे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। अर्शदीप सिंह का खाता नहीं खुला।






