भारतीय ओपनर्स का इस विश्व कप में शर्मनाक प्रदर्शन, आंकड़े देख कहेंगे इतना गंदा कोई कैसे खेल सकता है
टी-20 विश्व कप के सुपर-8 के मुकाबले में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के करीब है। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी कमजोरी उसकी सलामी जोड़ी (ओपनर्स) की साझेदारी रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो हर मैच में टीम को शुरुआत में ही बड़े झटके लगे हैं।

टी20 विश्व कप 2026 के सुपर 8 चरण में भारतीय टीम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 187/7 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसके जवाब में भारतीय टीम पावरप्ले के दौरान ही पूरी तरह लड़खड़ा गई। 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने केवल 10 ओवरों में अपने 5 मुख्य बल्लेबाजों को खो दिया और स्कोर बोर्ड पर महज 57 रन ही जुड़ पाए हैं। इस समय भारत की जीत की संभावना केवल 1 प्रतिशत बची है, जिससे प्रशंसक काफी निराश नजर आ रहे हैं।
इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी कमजोरी उसकी सलामी जोड़ी (ओपनर्स) की साझेदारी रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो हर मैच में टीम को शुरुआत में ही बड़े झटके लगे हैं। अमेरिका के खिलाफ ओपनिंग पार्टनरशिप केवल 8 रन (8 गेंद) की रही, जबकि नामीबिया के खिलाफ यह 25 रन (12 गेंद) तक ही पहुंच सकी। पाकिस्तान जैसे बड़े मैच में सलामी जोड़ी महज 1 रन (6 गेंद) पर टूट गई और नीदरलैंड के खिलाफ तो स्थिति और भी खराब रही जहां 0 रन (3 गेंद) पर ही पहला विकेट गिर गया। आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी यही सिलसिला जारी रहा और भारतीय ओपनर्स बिना कोई रन जोड़े यानी 0 रन (4 गेंद) पर ही पवेलियन लौट गए।
टी-20 विश्व कप में भारतीय ओपनर्स के बीच साझेदारी
• बनाम अमेरिका: 8 रन (8 गेंद)
• बनाम नामीबिया: 25 रन (12 गेंद)
• बनाम पाकिस्तान: 1 रन (6 गेंद)
• बनाम नीदरलैंड: 0 रन (3 गेंद)
• बनाम दक्षिण अफ्रीका: 0 रन (4 गेंद)
सलामी बल्लेबाजों की इस लगातार विफलता ने मिडिल ऑर्डर पर असहनीय दबाव डाल दिया है। आज के मैच में ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे भी 18 रन बनाकर कॉर्बिन बॉश का शिकार बन गए। उनसे पहले अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा भी दबाव नहीं झेल सके और सस्ते में आउट हो गए। फिलहाल क्रीज पर हार्दिक पांड्या (3 रन) और शिवम दुबे (6 रन) संघर्ष कर रहे हैं। लगातार विकेट गिरने के कारण भारत की रन गति (CRR) केवल 5.7 की है, जबकि जीतने के लिए अब 13.1 की औसत से रनों की जरूरत है।
अब भारत को जीत के लिए आखिरी 60 गेंदों में 131 रनों की विशाल दरकार है। लुंगी एनगिडी और कॉर्बिन बॉश जैसे दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने अपनी सटीक गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को बांधे रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय सलामी जोड़ी ने टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों से ही बेहतर प्रदर्शन किया होता, तो आज टीम इस संकट की स्थिति में नहीं होती। आने वाले मैचों में यदि भारत को अपनी साख बचानी है, तो ओपनिंग स्टैंड को हर हाल में सुधारना होगा। फिलहाल अहमदाबाद के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका की जीत का पलड़ा 99 प्रतिशत भारी नजर आ रहा है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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