T-20 विश्व कप में भारत ने बरकरार रखी बादशाहत, पाकिस्तान को 8वीं बार हराया, 61 रनों से दी करारी शिकस्त
टी-20 विश्व कप में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 8वीं बार शिकस्त दी है। पाक टीम सिर्फ 1 बार मैच जीत पाई है। ईशान किशन को शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

रविवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए विश्व कप के मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हरा दिया है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए, जिसे पाकिस्तान हासिल नहीं कर सकी और 18 ओवर में 114 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। भारत ने यह मुकाबला 61 रनों से जीत लिया है।
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया और भारत को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारत ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 175 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने विस्फोटक अंदाज में खेलते हुए मात्र 40 गेंदों पर 77 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी टीम के लिए 29 गेंदों पर 32 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। अभिषेक शर्मा इस मैच में अपना खाता नहीं खोल सके और जल्दी पवेलियन लौट गए। तिलक वर्मा ने मध्यक्रम में संयम दिखाते हुए 24 गेंदों पर 25 रनों का उपयोगी योगदान दिया।
भारतीय पारी के दौरान पाकिस्तान के गेंदबाजों ने भी बीच-बीच में अच्छी वापसी करने की कोशिश की। पाकिस्तान के लिए सईम अयूब सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए, जिन्होंने 4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट झटके। शाहीन अफरीदी ने 2 ओवर में 31 रन खर्च किए और एक विकेट अपने नाम किया। भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब रहने वाले स्पिनर उस्मान तारिक ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए भारत के कप्तान का अहम विकेट लिया। शिवम दुबे ने पारी के अंतिम क्षणों में 17 गेंदों पर 27 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर स्कोर को 170 के पार पहुंचाया। रिंकू सिंह ने अंत में 4 गेंदों पर नाबाद 11 रन बनाकर पारी का शानदार अंत किया। पाकिस्तान की ओर से कप्तान सलमान आगा ने भी एक विकेट हासिल किया, लेकिन वे रनों की गति पर अंकुश नहीं लगा सके।
176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पाकिस्तान की पूरी टीम 18 ओवरों में केवल 114 रन पर सिमट गई और उसे 61 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के लिए उस्मान खान ने सबसे अधिक 44 रनों का योगदान दिया। शाहीन अफरीदी ने निचले क्रम में 19 गेंदों पर नाबाद 23 रन बनाकर हार के अंतर को कम करने की कोशिश की। मध्यक्रम में शादाब खान ने 14 रन और फहीम अशरफ ने 10 रन बनाए, लेकिन कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका। कप्तान सलमान आगा और बाबर आजम जैसे अनुभवी खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। पाकिस्तान की पारी में केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए।
भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। हार्दिक पांड्या ने 3.1 ओवरों में मात्र 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए और पाकिस्तान की पारी का अंत किया। मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी कमाल की गेंदबाजी की और 17 रन देकर 2 महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। जसप्रीत बुमराह ने अपने 2 ओवरों के स्पेल में 17 रन देकर 2 विकेट लिए, जिससे पाकिस्तान का शीर्ष क्रम ध्वस्त हो गया। अक्षर पटेल ने 4 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट लिए, जिसमें उस्मान खान का बड़ा विकेट शामिल था। कुलदीप यादव ने 3 ओवर में केवल 14 रन दिए और एक सफलता प्राप्त की। तिलक वर्मा ने भी अपनी स्पिन गेंदबाजी से एक विकेट झटका, जिससे भारत की जीत सुनिश्चित हो गई। भारतीय टीम ने इस जीत के साथ सुपर 8 में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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