82 रनों की तूफानी पारी के पीछे पत्नी का हाथ, घर से कौन सा सीक्रेट लेकर चले थे कप्तान सुर्यकुमार यादव?
कभी-कभी जब हम घर जाते हैं तो वहां भी एक कोच बैठा होता है, जिससे आपकी शादी हुई होती है। वह मुझसे कहती रहती है कि थोड़ा समय लो, खुद को शांत रखो। उसने मुझे बहुत करीब से देखा है, इसलिए वह मेरे दिमाग को भी समझती है। मैंने उसकी बात मानी और अपनी पारी में थोड़ा समय लिया।

बीते एक साल से सूर्यकुमार यादव का बल्ला खामोश था। लगातार उन पर और उनकी फॉर्म पर सवालिया निशान खड़े किए जा रहे थे। लेकिन रायपुर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सूर्यकुमार यादव का बल्ला गरजा और उन्होंने 82 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। मैच में एक समय तक 8 गेंदों में 8 रन बनाकर खेल रहे सूर्यकुमार यादव ने मात्र 36 गेंदों में 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए यह रन बनाए।
सूर्यकुमार यादव के लिए यह मैच और ये 82 रन इसलिए भी खास रहे क्योंकि, पिछली लगातार 23 पारियों में उनके बल्ले से कोई भी अर्धशतक नहीं निकला था और कप्तान होने के नाते खराब प्रदर्शन के कारण लगातार आलोचना का शिकार होना पड़ा रहा था और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बार टीम से ज्यादा उनके खुद के फॉर्म के बारे में सवाल पूछा जाता था। इन सभी सवालों का सूर्यकुमार यादव हंसकर जवाब देते थे, लेकिन अंदर ही अंदर उनका मन जरूर कमजोर होता रहा होगा।
खराब फॉर्म के दौरान सूर्यकुमार यादव का साथ उनकी पत्नी देविशा शेट्टी ने बखूबी निभाया। मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने बताया कि "कभी-कभी जब हम घर जाते हैं तो वहां भी एक कोच बैठा होता है, जिससे आपकी शादी हुई होती है। वह मुझसे कहती रहती है कि थोड़ा समय लो, खुद को शांत रखो। उसने मुझे बहुत करीब से देखा है, इसलिए वह मेरे दिमाग को भी समझती है।"
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आगे कहा कि, "मैंने उसकी बात मानी और अपनी पारी में थोड़ा समय लिया। पिछले मैच में भी ऐसा किया और इस मैच में भी।"
सूर्यकुमार ने यह भी स्वीकार किया कि नेट्स में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद जब तक मैच में रन नहीं बनते, तब तक आत्मविश्वास पूरी तरह नहीं आता। वे लोगों को लगातार बताते भी रहे कि मैं आउट ऑफ फॉर्म नहीं हूं लेकिन जब रन नहीं बनते तब आत्मविश्वास में गिरावट देखी जाती है। हालांकि, अब सूर्यकुमार यादव का जब सूर्योदय हो गया है तो लोगों को उनसे लगातार बड़ी पारियों की उम्मीद है और विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करते हुए भारत ट्ऱॉफी उठाए यह सभी प्रशंसकों के मन में होगा।
मैच में सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों में 82 रन बनाए थे, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने 221.62 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की थी। सूर्यकुमार यादव की शानदार 82 रनों की पारी और ईशान किशन के ताबड़तोड़ 76 रनों की मदद से भारत ने 15.2 ओवर में 28 गेंद शेष रहते 209 रनों के लक्ष्य को हासिल कर लिया और इतिहास रच दिया।

लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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