
IND vs NZ: कॉमेंट्री के दौरान संजय बांगर ने हिंदी को बताया 'राष्ट्रभाषा', एक्स पर यूजर बताने लगे गलती
पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वनडे मुकाबले के दौरान कुछ ऐसा कहा कि सोशल मीडिया पर यूजर उनकी गलती सुधारने लगे। कॉमेंट्री के दौरान उन्होंने हिंदी को 'भारत की राष्ट्र भाषा' बताया। इस बयान पर उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले वनडे मुकाबले के दौरान कुछ ऐसा कहा कि सोशल मीडिया पर यूजर उनकी गलती सुधारने लगे। कॉमेंट्री के दौरान उन्होंने हिंदी को 'भारत की राष्ट्र भाषा' बताया। इस बयान पर उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
रविवार को वडोदरा में भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हुआ। कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। न्यूजीलैंड की पारी का 13वां ओवर चल रहा था। वॉशिंगटन सुंदर गेंदबाजी कर रहे थे। ऑलराउंडर सुंदर स्पिन गेंदबाज हैं लेकिन उनकी गेंदबाजी से विकेटकीपर केएल राहुल नाखुश थे। दरअसल वह गेंद की रफ्तार से नाखुश थे।
केएल राहुल ने वॉशिंगटन सुंदर से कुछ कहा। इस पर कॉमेंट्री पैनल में मौजूद वरुण एरोन ने बताया कि राहुल ने सुंदर से तमिल में कहा है कि वह मीडियम पेसर की गति से बोलिंग कर रहे हैं। इसके बाद एरोन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वॉशिंगटन सुंदर तमिल को अच्छे से समझते होंगे। इसी दौरान कॉमेंट्री कर रहे संजय बांगर ने कह दिया की हिंदी 'भारत की राष्ट्रभाषा' है।
बांगर के इस कॉमेंट पर सोशल मीडिया पर यूजर उनकी गलती सुधारने लगे। कुछ ने उनकी आलोचना भी की। कई यूजर्स ने लिखा कि संजय बांगर ने तथ्यात्मक गलती की है। हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं, बल्कि राजभाषा है।
मैच की बात करें तो न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 300 रन का स्कोर खड़ा किया। दोनों ओपनर डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स ने अर्धशतक ठोके। उसके बाद डेरिल मिचेल ने 71 गेंद में 84 रन की शानदार पारी खेली। भारत की तरफ से मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्ण ने 2-2 विकेट लिए। एक सफलता कुलदीप यादव के खाते आई।
भारत ने मैच को 6 विकेट से जीत लिया। विराट कोहली ने 93 रन की शानदार पारी खेली। वह शतक से चूक गए। रोहित शर्मा ने 26, कप्तान शुभमन गिल ने 56 और श्रेयस अय्यर ने 49 रन बनाए। 234 के टीम स्कोर पर कोहली के आउट होने के बाद मैच फंस गया था क्योंकि उसके बाद 8 रन के अंतराल में रविंद्र जडेजा और श्रेयस अय्यर भी आउट हो गए थे। उस वक्त हर्षत राणा ने 23 गेंद में 29 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर भारत को संकट से उबारा। बाद का काम केएल राहुल ने पूरा किया। उन्होंन 21 गेंदों में नाबाद 29 रन बनाए और छक्का लगाकर भारत को जिताया।
इस तरह भारत अब 3 ओडीआई मैच की सीरीज में 1-0 से आगे है।

लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय ,असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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