भारत ने विश्व कप में रचा इतिहास, बनाया पावर-प्ले का चौथा सबसे बड़ा स्कोर, टॉप-3 में ये देश
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और नामीबिया के बीच विश्व कप के मुकाबले में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। भारत अब टी-20 विश्व कप के इतिहास में पावर- प्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की चौथी टीम बन गई है। टीम इंडिया ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और नामीबिया के बीच विश्व कप के मुकाबले में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। भारत अब टी-20 विश्व कप के इतिहास में पावर- प्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की चौथी टीम बन गई है। टीम इंडिया ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब भारतीय टीम वेस्टइंडीज और इंग्लैंड जैसी टीमों के खास क्लब में शामिल हो गई है।
भारतीय टीम ने टॉस हराने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता स्वीकार किया। संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत की और दो ओवर के भीरत ही तीन छक्के जड़ दिए। संजू 8 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए उसके बाद मोर्चा ईशान किशन ने संभाला। किशन ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में 28 रन ठोक दिए। किशन ने लगातार चार छक्के और 1 चौका जड़ा। 6 ओवर की समाप्ति पर 1 विकेट के नुकसान पर 86 रन बनाए जो टी-20 विश्व कप में किसी भी टीम द्वारा पावर- प्ले में बनाया गया चौथा सबसे बड़ा स्कोर है।
टी-20 विश्व कप के इतिहास में पावर- प्ले में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम है, जिन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ 2024 के विश्व कप में 6 ओवर की समाप्ति पर 92 रन बना दिए थे। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 1 विकेट खोया था। सूची में दूसरे नंबर पर नीदरलैंड है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ 2024 विश्व कप में 6 ओवर की समाप्ति पर 1 विकेट के नुकसान पर 91 रन बना दिए थे। इस सूची में इंग्लैंड तीसरे नंबर पर है, जिसने 2016 के टी-20 विश्व कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुंबई में 89 रन बनाए थे। इन तीन टीमों के अलावा अब भारतीय टीम 86 रनों के साथ लिस्ट में चौथे नंबर पर आ गई है।
टी-20 विश्व कप के पावर-प्ले में सर्वाधिक रन बनाने वाली टीमें
वेस्टइंडीज बनाम अफगानिस्तान (2024 विश्व कप)- 92/1
नीदरलैंड बनाम आयरलैंड (2024 विश्व कप)- 91/1
इंग्लैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका (2016 विश्व कप) 89/3
भारत बनाम नामीबिया (2026 विश्व कप) 86/1
पावर- प्ले में भारत की इस ताबड़तोड़ पारी के सूत्रधार संजू सैमसन रहे, जिन्होंने 3 छक्के जड़े और 8 गेंदों में ही 22 रन बनाकर आउट हुए। उसके बाद ईशान किशन ने रनों की बारिश कर दी। उन्होंने 24 गेंदों में 61 रनों की पारी खेली। ईशान किशन ने पावर-प्ले के आखिरी ओवर में 4 गेंदों पर लगातार चार छक्के लगाए और आखिरी गेंद पर चौका लगाकर भारत का स्कोर 86 रन पहुंचा दिया। फिलहाल मैच में भारत बड़े स्कोर की ओर अग्रसर है। कप्तान सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और ईशान किशन आउट हो चुके हैं, लेकिन भारत के दो बड़े ऑलराउंडर शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या क्रीज पर हैं और उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।

लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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