विराट कोहली और रोहित शर्मा को नहीं मिला भाव, गिल भी चूके, इस खिलाड़ी ने जीता ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ अवार्ड
भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवार्ड विराट कोहली और रोहित शर्मा को नहीं मिला है। गिल भी इससे चूक गए हैं। टेस्ट क्रिकेट के महान खिलाड़ी ने इस बार वनडे में बादशाहत दिखाई है। जो रूट ने अवार्ड जीता है।

भारत बनाम इंग्लैंड तीन वनडे मैचों की सीरीज का समापन हो चुका है। इंग्लैंड ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने भारत की ओर से इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया। इंग्लैंड की तरफ से जो रूट खूटा गाड़कर खड़े रहे और उन्हें पूरी सीरीज में कोई भी गेंदबाज आउट नहीं कर सका। बेन डकेट और जेकब बेथल ने भी अच्छी बल्लेबाजी की। इस तीन मैचों की सीरीज में शुभमन गिल, रोहित शर्मा या विराट कोहली ने नहीं बल्कि जो रूट ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया है। उन्होंने तीन मैचों में वनडे क्रिकेट के महान बल्लेबाजों को पीछे छोड़ते हुए यह कारनामा किया। जो रूट ने इस पूरी सीरीज में भले ही एक भी शतक ना लगाया हो, लेकिन सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन मैचों की सभी तीन पारियों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 249 रन बनाए, इस दौरान उनका औसत भी 249 का ही रहा। इस पूरी सीरीज में जो रूट का स्ट्राइक रेट 96.89 रहा। उन्होंने 24 चौके और 1 छक्का लगाया। जो रूट के इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज के नवाजा गया।
शुभमन गिल चूके, रोहित- विराट को भी नहीं मिला भाव
इस सीरीज में विराट कोहली के बल्ले से 3 मैचों में कुल 144 रन 48 की औसत और 109 की स्ट्राइक रेट से निकले। उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए। रोहित शर्मा ने 3 मैचों में 175 रन बनाए, जिसमें 58.33 की औसत रही। भारतीय कप्तान शुभमन गिल इस सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में जो रूट के बाद दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने 3 मैचों में 94 की औसत और 99.7 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 188 रन बनाए, इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले। दोनों बार कप्तान गिल शतक के करीब जाकर इसे पूरा करने से चूक गए। सीरीज में ना सिर्फ जो रूट ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवार्ड जीता, बल्कि इंग्लैंड ने इसे 2-1 से अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 388 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में भारतीय टीम 7 विकेट के नुकसान पर 360 रन ही बना सकी और 27 रनों से मुकाबला हार गई। भारत की ओर से रोहित शर्मा ने 138 रनों की पारी खेली। विराट कोहली ने 74 और शुभमन गिल ने 77 रन बनाए। इनके अलावा भारत की ओर से कोई भी बल्लेबाज 20 रन भी पार नहीं कर सका। आज के मैच में इंग्लैंड की ओर से जेकब बेथल ने 91, बेन डकेट ने 141, जो रूट ने 74 रनों की पारी खेली। बटलर ने 13 गेंदों में 43 रन बनाए।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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