शतक से चूकने के बाद युवा क्रिकेटरों को जो रूट ने दिया खास संदेश, कहा-खेलते हुए ही…
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरे वनडे मैच में जो रूट का शतक तो नहीं बन सका, लेकिन वे इससे निराश नहीं हुए। इसके उलट अपने युवा खिलाड़ियों को एक खास संदेश दिया और कहा कि इन खिलाड़ियों को अब खेलते हुए ही सीखना होगा।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट का मानना है कि देश की अगली पीढी के युवा क्रिकेटरों को 50 ओवरों के क्रिकेट का अधिक अनुभव नहीं मिलने के कारण खेलते हुए ही सीखना होगा क्योंकि अनुभव की कमी के कारण दबाव के हालात के अनुकूल ढलना अहम हो जाता है।
रूट ने भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में 133 गेंद में नाबाद 99 रन बनाये और इंग्लैंड ने 234 रन का लक्ष्य चार विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया। इंग्लैंड को भारत के खिलाफ पिछले 20 वनडे में से 14 में पराजय का सामना करना पड़ा था। रूट ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले घरेलू 50 ओवरों की नियमित प्रतिस्पर्धाओं के जरिये उस तरह का अनुभव नहीं मिल पा रहा जो पहले खिलाड़ियों को मिलता था। उन्होंने कहा ,'' मुझे लगता है कि टीम और युवा खिलाड़ियों के लिये यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।'' उन्होंने कहा ,'अभी ही नहीं बल्कि आने वाले समय में भी , जो भी खिलाड़ी टीम में आयेगा उसे 50 ओवरों के क्रिकेट में उतना अनुभव या समझ नहीं होगी क्योंकि अब यह प्रारूप उतना खेला नहीं जाता है।''
नहीं बन सका रूट का शतक
रूट शतक नहीं बना सके लेकिन उन्होंने कहा कि भारत जैसी शीर्ष वनडे टीम के खिलाफ जीत अधिक संतोषजनक है और उनका मानना है कि इससे निर्णायक मैच में इंग्लैंड का पलड़ा भारी होगा। उन्होंने कहा ,'' अगर हम हार जाते तो बहुत बुरा लगता। हम जीतने के लिये ही खेलते हैं। अब हमारे पास दुनिया की नंबर एक टीम को श्रृंखला में हराने का मौका है।''
बता दें कि जब इंग्लैंड को जीत के लिए तीन रनों की दरकार थी, प्रसिद्ध कृष्णा गेंदबाजी कर रहे थे। गस एटकिंसन स्ट्राइकिंग एंड पर थे। वे बल्लेबाजी कर रहे थे और जो रूट 99 रनों के स्कोर पर नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े थे। लगभग सभी क्रिकेट प्रशंसक उम्मीद कर रहे थे कि एटकिंसन किसी भी तरह से सिंगल लेकर जो रूट को स्ट्राइक देंगे और फिर वे अपना एक और शतक जड़ देंगे। हालांकि, ऐसा नहीं हो सका। प्रसिद्ध कृष्णा ने जैसे ही गेंद डाली एटकिंसन ने उसे बाउंड्री के पार पहुंचा दिया और इंग्लैंड मुकाबला जीत गई। लेकिन जो रूट का शतक नहीं लग सका। जो रूट इससे निराश नहीं दिखे, लेकिन यह जरूर दिखा कि वे खुद को जबरन खुश दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। एटकिंसन चौका मारने और भारत से मैच जीतने के बाद काफी खुश नजर आए।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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