एजबेस्टन में अक्षर पटेल ने किया ऐतिहासिक प्रदर्शन, सचिन तेंदुलकर-युवराज सिंह जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल
14 जुलाई 2026 को भारत बनाम इंग्लैंड पहले वनडे मैच में अक्षर पटेल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। एजबेस्टन में खेले गए मुकाबले में पहले उन्होंने 4 विकेट लिए फिर बल्लेबाजी में अर्धशतक जड़ा। वे एक वनडे मैच में चार विकेट लेने और अर्धशतक जड़ने वाले भारत के 6वें खिलाड़ी बने हैं।

Axar Patel's historic performance: भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन, बर्मिंघम में 14 जुलाई 2026 को खेले गए पहले वनडे मैच में भारतीय टीम के ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। इस मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, जिसमें अक्षर पटेल का शानदार योगदान रहा। उन्होंने अपनी गेंदबाजी से पहले तो चार विकेट हासिल किए और उसके बाद बल्ले से ऐसे मौके में अहम भूमिका निभाई, जब भारत को सर्वाधिक जरूरत थी। उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली। इसी के साथ अक्षर पटेल वनडे क्रिकेट में 50 से अधिक रन और 4 विकेट लेने वाले भारत के 6वें खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने उस लिस्ट में अपना नाम दर्ज कर लिया है, जिसमें युवराज सिंह दो बार, हार्दिक पांड्या एक बार, सौरभ गांगुली दो बार और सचिन तेंदुलकर और क्रिस श्रीकांत जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का नाम है।
भारत के लिए सबसे पहले 50 से अधिक रन और चार विकेट लेने का कार्य कृष्णमाचारी श्रीकांत ने किया था। उन्होंने साल 1988 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तो बल्लेबाजी करते हुए 70 रन बनाए थे, उसके बाद घातक गेंदबाजी करते हुए 27 रन देकर 5 विकेट लिए थे। यह कारनामा सचिन तेंदुलकर ने साल 1998 में ढाका में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था, जब उन्होंने पहले तो 141 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी और उसके बाद 38 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। सौरभ गांगुली ने साल 1999 और 2000 में यह कारनामा किया था। 1999 में उन्होंने नागपुर में श्रीलंका के खिलाफ पहले 130 रन बल्लेबाजी से बनाए थे, उसके बाद 21 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे। सन् 2000 में सौरव गांगुली ने कानपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ 34 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे और 71 रन बनाए थे। यह कारनामा युवराज सिंह ने साल 2008 और 2011 में किया था। उन्होंने 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ इंदौर में खेले गए वनडे मुकाबले में 28 रन देकर चार विकेट हासिल किए थे, उसके बाद 118 रनों की शतकीय की पारी खेली थी। 2011 में बेंगलुरु में आयरलैंड के खिलाफ युवराज सिंह ने 31 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे और 50 रन बनाए थे। हार्दिक पांड्या ने यह कारनामा इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में 2022 में किया था, जब उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट हासिल किए थे और 71 रनों की पारी खेली थी। अब यह रिकॉर्ड अक्षर पटेल के नाम भी हो गया है, जिन्होंने 14 जुलाई 2026 को एजबेस्टन, बर्मिंघम के मैदान पर 62 रन देकर चार विकेट हासिल किए और उसके बाद 52 गेंदों में 57 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने 109.62 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए।
भारत के लिए 1 ODI मैच में 50+ रन और 4 या उससे अधिक विकेट लेने वाले प्लेयर
1. कृष्णमाचारी श्रीकांत 70 और 5/27 बनाम न्यूजीलैंड विजाग 1988
2. सचिन रमेश तेंदुलकर 141 और 4/38 बनाम ऑस्ट्रेलिया ढाका 1998
3. सौरव गांगुली 130 और 4/21 बनाम श्रीलंका नागपुर 1999
4. सौरव गांगुली 71 और 5/34 बनाम जिम्बाब्वे कानपुर 2000
5. युवराज सिंह 118 और 4/28 बनाम इंग्लैंड इंदौर 2008
6. युवराज सिंह 50 और 5/31 बनाम आयरलैंड बेंगलुरु 2011
7. हार्दिक पांड्या 71 और 4/24 बनाम इंग्लैंड मैनचेस्टर 2022
8. अक्षर पटेल 51* और 4/62 बनाम इंग्लैंड एजबेट्सन 2026
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



