पिछले 12 सालों में ऑस्ट्रेलिया में 1 टेस्ट सीरीज में सिर्फ 2 गेंदबाजों ने लिए हैं 30+ विकेट
मिचेल स्टार्क का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 12 वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी टेस्ट श्रृंखला में 30 या उससे अधिक विकेट लेने वाले वे दुनिया के केवल दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह गौरवशाली उपलब्धि केवल भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने हासिल की थी।
एशेज 2025-26 श्रृंखला में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने अपनी तूफानी गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7-58 के साथ उन्होंने सीरीज का धमाकेदार आगाज किया। उन्होंने दूसरी पारी में भी 3 विकेट हासिल कर पूरे मैच में 10 विकेट लिए। ब्रिसबेन टेस्ट में पहली पारी में छह और दूसरी पारी में 2 विकेट चटकाने के साथ ही स्टार्क ने पहले दो मैचों के अंत तक 18 विकेट अपने नाम कर लिए थे, जिससे ऑस्ट्रेलिया को 2-0 की बढ़त हासिल हुई। गेंदबाजी के साथ-साथ स्टार्क ने पहले दो मैचों में 77 रन बनाकर अपनी टीम के लिए शीर्ष स्कोरर की भूमिका भी निभाई, जिसने मेजबान टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त दिलाई। पूरी श्रृंखला के दौरान उन्होंने पांच मैचों में कुल 31 विकेट हासिल किए, जहां उनका गेंदबाजी औसत 19.93 रहा।
सिर्फ 2 गेंदबाजों ने लिए 30+ विकेट
मिचेल स्टार्क का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 12 वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी टेस्ट श्रृंखला में 30 या उससे अधिक विकेट लेने वाले वे दुनिया के केवल दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह गौरवशाली उपलब्धि केवल भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने हासिल की थी, जिन्होंने 2024-25 की सीरीज के दौरान 32 विकेट झटके थे।
बुमराह और स्टार्क के आंकड़ों की तुलना
यदि दोनों दिग्गजों के आंकड़ों की तुलना करें तो बुमराह ने साल 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 151.2 ओवरों में 13.06 की बेहद शानदार औसत और 2.76 की किफायती इकॉनमी से 32 विकेट लिए थे। दूसरी ओर एशेज 2025-26 में स्टार्क ने अपनी आक्रामक शैली को जारी रखते हुए 153.1 ओवर फेंके और 4.03 की इकॉनमी से 31 विकेट अपने नाम किए। जहां बुमराह के नाम 39 मेडन ओवर दर्ज थे, वहीं स्टार्क ने अपनी गति के दम पर विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 15 मेडन ओवर फेंके।
एशेज जीतने में स्टार्क की भूमिका
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया की 4-1 से एशेज जीत में स्टार्क की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही, क्योंकि उन्होंने हर महत्वपूर्ण मोड़ पर विकेट निकाले। जहां जो रूट जैसे दिग्गज बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रूप से रन बनाए, लेकिन अंततः टीम की हार का रिकॉर्ड झेला, वहीं स्टार्क की निरंतरता ने ऑस्ट्रेलिया को एशेज पर कब्जा बरकरार रखने में मदद की। स्टार्क का यह ऑलराउंडर प्रदर्शन और रिकॉर्ड तोड़ गेंदबाजी उन्हें आधुनिक समय के महानतम तेज गेंदबाजों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करती है।






