पिछले 12 सालों में ऑस्ट्रेलिया में 1 टेस्ट सीरीज में सिर्फ 2 गेंदबाजों ने लिए हैं 30+ विकेट

Jan 09, 2026 10:07 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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मिचेल स्टार्क का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 12 वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी टेस्ट श्रृंखला में 30 या उससे अधिक विकेट लेने वाले वे दुनिया के केवल दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह गौरवशाली उपलब्धि केवल भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने हासिल की थी।

पिछले 12 सालों में ऑस्ट्रेलिया में 1 टेस्ट सीरीज में सिर्फ 2 गेंदबाजों ने लिए हैं 30+ विकेट

एशेज 2025-26 श्रृंखला में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने अपनी तूफानी गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7-58 के साथ उन्होंने सीरीज का धमाकेदार आगाज किया। उन्होंने दूसरी पारी में भी 3 विकेट हासिल कर पूरे मैच में 10 विकेट लिए। ब्रिसबेन टेस्ट में पहली पारी में छह और दूसरी पारी में 2 विकेट चटकाने के साथ ही स्टार्क ने पहले दो मैचों के अंत तक 18 विकेट अपने नाम कर लिए थे, जिससे ऑस्ट्रेलिया को 2-0 की बढ़त हासिल हुई। गेंदबाजी के साथ-साथ स्टार्क ने पहले दो मैचों में 77 रन बनाकर अपनी टीम के लिए शीर्ष स्कोरर की भूमिका भी निभाई, जिसने मेजबान टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त दिलाई। पूरी श्रृंखला के दौरान उन्होंने पांच मैचों में कुल 31 विकेट हासिल किए, जहां उनका गेंदबाजी औसत 19.93 रहा।

सिर्फ 2 गेंदबाजों ने लिए 30+ विकेट

मिचेल स्टार्क का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 12 वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी टेस्ट श्रृंखला में 30 या उससे अधिक विकेट लेने वाले वे दुनिया के केवल दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह गौरवशाली उपलब्धि केवल भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने हासिल की थी, जिन्होंने 2024-25 की सीरीज के दौरान 32 विकेट झटके थे।

बुमराह और स्टार्क के आंकड़ों की तुलना

यदि दोनों दिग्गजों के आंकड़ों की तुलना करें तो बुमराह ने साल 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 151.2 ओवरों में 13.06 की बेहद शानदार औसत और 2.76 की किफायती इकॉनमी से 32 विकेट लिए थे। दूसरी ओर एशेज 2025-26 में स्टार्क ने अपनी आक्रामक शैली को जारी रखते हुए 153.1 ओवर फेंके और 4.03 की इकॉनमी से 31 विकेट अपने नाम किए। जहां बुमराह के नाम 39 मेडन ओवर दर्ज थे, वहीं स्टार्क ने अपनी गति के दम पर विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 15 मेडन ओवर फेंके।

एशेज जीतने में स्टार्क की भूमिका

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया की 4-1 से एशेज जीत में स्टार्क की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही, क्योंकि उन्होंने हर महत्वपूर्ण मोड़ पर विकेट निकाले। जहां जो रूट जैसे दिग्गज बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रूप से रन बनाए, लेकिन अंततः टीम की हार का रिकॉर्ड झेला, वहीं स्टार्क की निरंतरता ने ऑस्ट्रेलिया को एशेज पर कब्जा बरकरार रखने में मदद की। स्टार्क का यह ऑलराउंडर प्रदर्शन और रिकॉर्ड तोड़ गेंदबाजी उन्हें आधुनिक समय के महानतम तेज गेंदबाजों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करती है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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