5 पारियों में ही संजू ने जड़ दिए इतने छक्के, जो धोनी 29 पारियों में और रैना 21 पारियों में भी नहीं जड़ सके
संजू सैसमन ने टी-20 विश्व कप 2026 की सिर्फ 5 पारियों में ही वो कमाल कर दिखाया है जो महेंद्र सिंह धोनी ने 29 पारियों में और सुरेश रैना ने 21 पारियों में भी नहीं किया था। वे छक्के जड़ने के मामले में इन बल्लेबाजों से आगे निकल गए हैं।

भारत ने टी-20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट में संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 मैचों में ही 321 रन बना दिए, जिनमें 3 अर्धशतकीय पारियां शामिल थीं। संजू सैमसन ने आखिरी के तीन मैचों में 97, 89 और 89 रनों की पारियां खेलीं और भारत के विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाई। हाल ही में गुजरे बड़े टूर्नामेंट में भारत ने कुल 9 मुकाबले खेले, लेकिन संजू को सिर्फ 5 मैचों में ही खेलने का मौका मिला। इन 5 मैचों की 5 पारियों में संजू सैमसन ने वो कारनामा कर दिखाया, जो रैना औैर धोनी जैसे बड़े-बड़े धुरंधर भी नहीं कर पाए।
दरअसल, संजू सैसमन ने इस पूरे एडिशन में कुल 24 छक्के जड़े और ना सिर्फ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे, बल्कि 2026 विश्व कप में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज भी बन गए। संजू ने 5 पारियों में खुद को उस लिस्ट में शामिल कर लिया, जिसमें शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को टी-20 विश्व कप के कम से कम दो -तीन एडिशन खेलने पड़ते हैं। संजू सैमसन टी-20 विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में 6वें स्थान पर आ गए हैं। उनसे ऊपर रोहित शर्मा (50 छक्के, 44 पारियां), विराट कोहली (33 छक्के 34 पारियां), हार्दिक पांड्या (34 छक्के, 25 पारियां), युवराज सिंह (31 छक्के, 26 पारियां) और सूर्यकुमार यादव (31 छक्के, 26 पारियां) हैं।
संजू सैमसन ने इस दौरान महेंद्र सिंह धोनी, लोकेश राहुल और सुरेश रैना जैसे बल्लेबाजों को सिक्स हिटिंग में पीछे छोड़ दिया है। महेंद्र सिंह धोनी ने टी-20 विश्व कप में कुल 29 पारियों में बल्लेबाजी की, जिसमें सिर्फ 16 छक्के ही जड़ पाए। वहीं, सुरेश रैना भी 21 पारियों में 12 छक्के ही जड़ सके। लोकेश राहुल 11 पारियों में 15 छक्के जड़े हैं। ईशान किशन ने 10 पारियों में 18, जबकि शिवम दुबे ने 16 पारियों में 24 छक्के जड़े हैं। इस तरह से टी-20 विश्व कप की 5 पारियों में संजू सैमसन ने महेंद्र सिंह धोनी से लेकर रैना होते हुए आधुनिक सिक्स हिटर ईशान किशन, शिवम दुबे और केएल राहुल को भी पीछे छोड़ दिया है।
टी-20 विश्व कप में भारत के लिए सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले बैटर
रोहित शर्मा (44 पारियों में 50 छक्के)
विराट कोहली (33 पारियों में 35 छक्के)
हार्दिक पांड्या (25 पारियों में 34 छक्के)
युवराज सिंह (28 पारियों में 33 छक्के)
सूर्यकुमार यादव (26 पारियों में 31 छक्के)
संजू सैमसन (सिर्फ 5 पारियों में 24 छक्के)
शिवम दुबे (16 पारियों में 24 छ्क्के)
ईशान किश (10 पारियों में 18 छक्के)
महेंद्र सिंह धोनी (29 पारियों में 16 छक्के)
लोकेश राहुल (11 पारियों में 15 छक्के)
सुरेश रैना (21 पारियों में 12 छक्के)
तिलक वर्मा (9 पारियों में 11 छक्के)
ऋषभ पंत (13 पारियों में 11 छक्के)
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



