करो या मरो मैच में वेस्टइंडीज की खैर नहीं, अब तो भारत के बल्लेबाज लय में भी हैं!
भारतीय बल्लेबाज अब अपने पुराने रंग में दिख रहे हैं लेकिन गेंदबाज अब भी प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऐसी परिस्थितियों में वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले टी20 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल जैसे सुपर आठ के मैच में उसे इस विभाग में अपना बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

भारतीय बल्लेबाज अब अपने पुराने रंग में दिख रहे हैं लेकिन गेंदबाज अब भी प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऐसी परिस्थितियों में वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले टी20 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल जैसे सुपर आठ के मैच में उसे इस विभाग में अपना बेहतर प्रदर्शन करना होगा। अब भारत के बल्लेबाज लय में आ चुके हैं लिहाजा वेस्टइंडीज की इस करो या मरो मैच में खैर नहीं रहने वाली। हालांकि सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम अपने कैरिबियाई प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकती।
वेस्टइंडीज की दक्षिण अफ्रीका से हार और भारत की जिम्बाब्वे पर जीत ने ग्रुप एक के सुपर आठ के इस मैच को दोनों टीम के लिए करो या मरो जैसा बना दिया है। इसलिए अब दोनों टीम कोई कसर नहीं छोड़ेंगी और ऐसे में ईडन गार्डन्स में एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
इस मैच के विजेता को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मार्च को दूसरे सेमीफाइनल में खेलने का मौका मिलेगा।
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया। उसके बल्लेबाज सही समय पर लय में लौट आए हैं और अब गेंदबाजों की बारी है। पिछले मैच में शीर्ष क्रम में वापसी करने वाले संजू सैमसन सहित चोटी के सभी छह बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान दिया।
संजू ने केवल 24 रन बनाए, लेकिन उन्होंने शुरू में ही रन गति तेज कर दी जिसका बाकी बल्लेबाजों पर सकारात्मक असर पड़ा।
उनके आक्रामक रवैये ने अभिषेक शर्मा के हौसले को बुलंद किया, जिनका इस टूर्नामेंट में पिछला सर्वश्रेष्ठ स्कोर 15 था, जो उन्होंने लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद बनाया था।
अभिषेक ने अर्धशतक लगाकर शानदार वापसी की तो तिलक वर्मा ने नंबर छह की अपनी नई भूमिका में नए इरादे के साथ बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों में 44 रन बनाए।
भारत ने चार विकेट पर 256 रन बनाए जो इस टी20 विश्व कप का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे बिना किसी चिंता के ईडन गार्डन्स पहुंचे हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अच्छी गेंदबाजी की। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने भी शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती अपने पुराने फॉर्म में नहीं नजर आ रहे हैं।
यह रहस्यमयी स्पिनर अपनी लेंथ को सही ढंग से नियंत्रित करने में विफल रहा है और ऐसा लगता है कि वह बहुत ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं। चक्रवर्ती के नहीं चल पाने के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत को नुकसान हुआ। चक्रवर्ती ने उस मैच में चार ओवर में 47 रन लुटा दिए थे।
वरुण ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ज्यादातर शॉर्ट पिच गेंदें की और जब उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ फुल लेंथ गेंद करने की कोशिश की तब भी उन्हें खास सफलता नहीं मिली। इस मैच में अनुभवी सिकंदर रजा ने उन्हें निशाने पर रखा। वरुण ने इस मैच में चार ओवरों में 35 रन दिए।
यह देखना बाकी है कि टीम प्रबंधन चक्रवर्ती को अंतिम एकादश में बनाए रखता है या बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को टीम में शामिल करता है। कुलदीप ने वर्तमान टूर्नामेंट में अभी तक केवल एक मैच (पाकिस्तान के खिलाफ) खेला है।
वरुण और कुलदीप दोनों ने अपने आईपीएल करियर के अधिकतर मैच कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से इसी मैदान पर खेले हैं और वे यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। चक्रवर्ती ने हालांकि यहां अधिक मैच खेले हैं।
एक और चिंता ऑलराउंडर शिवम दुबे का गेंदबाजी में अनियमित प्रदर्शन है। जिम्बाब्वे के खिलाफ दुबे ने सिर्फ दो ओवरों में 46 रन लुटाए, जिसमें 10 गेंदों के एक ओवर में चार वाइड और दो नोबॉल शामिल थीं।
मुख्य कोच गौतम गंभीर का ऑलराउंडर के प्रति आकर्षण जगजाहिर है, लेकिन ईडन पिच पर दुबे की मध्यम गति की गेंदबाजी वेस्टइंडीज के सामने उलटी पड़ सकती है।
ईडन गार्डन की पिच पर थोड़ी घास होने की संभावना को देखते हुए बुमराह, अर्शदीप और पांड्या की तेज गेंदबाजी तिकड़ी को कुछ मदद मिलनी चाहिए।
वेस्टइंडीज ने इस टूर्नामेंट में अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। उनकी रणनीति स्पष्ट है। शुरू में कुछ सतर्क होकर खेलना और बाद में बेखौफ अंदाज में आक्रमण करना। अपनी इस रणनीति के कारण उसे लगातार पांच मैच में जीत मिलीं, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने उसकी जीत का सिलसिला रोक दिया।
वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी में गहराई है और इसका नमूना दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ देखने को मिला जब नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे रोमारियो शेफर्ड के नाबाद अर्धशतक लगाया।
शिमरोन हेटमायर का नंबर तीन पर आना भी बड़ा सकारात्मक फैसला साबित हुआ है।
ईडन गार्डन की सूखी पिच को देखते हुए वेस्टइंडीज बाएं हाथ के स्पिनर अकील हुसैन को टीम में शामिल करने पर विचार कर सकता है।
टीम इस प्रकार हैं:
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, इशान किशन, हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह।
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान), जॉनसन चार्ल्स, शिमरोन हेटमायर, ब्रैंडन किंग, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेस, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्डे, अकील हुसैन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती और जेडन सील्स।
मैच शुरू होने का समय: भारतीय समयानुसार शाम सात बजे।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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