ऋषभ पंत को छक्के मारते हुए आउट देखना मंजूर है, मगर… जानिए पूर्व विकेटकीपर ने क्यों कहा ऐसा?
भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने कहा है कि मैं ऋषभ पंत को डिफेंड करने के बजाय 6 रन पर आउट होते देखना पसंद करूंगा। पंत की बल्लेबाजी और अप्रोच पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन दीप ने उनका सपोर्ट किया है।

भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने मौजूदा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का समर्थन किया है। टेस्ट क्रिकेट में पंत की अप्रोच पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन दीप दासगुप्ता का कहना है कि वह पंत को डिफेंस करते हुए आउट होने की बजाय छक्का जड़ने के चक्कर में आउट होते हुए देखना पसंद करेंगे। पंत अटैकिंग क्रिकेट से ही टेस्ट क्रिकेट में फेमस हुए हैं। अगर उनसे उनका खेल छीन लिया जाएगा तो फिर यह उनके लिए और भारतीय टेस्ट टीम के लिए घाटे का सौदा ही साबित होगा।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में जब ऋषभ पंत जल्दबाजी के चक्कर में आउट हुए थे तो सुनील गावस्कर ने ऑन एयर उनको डांट लगाई थी और उन्हें स्टुपिड बोला था। हालांकि, भारतीय कोच गौतम गंभीर ने पंत का हमेशा समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि पंत को परिस्थितियों को थोड़ा समझना होगा और उनका सम्मान करना होगा। इसी पसोपेश में वार्मअप मैच में पंत कन्फ्यूज से नजर आए थे। पहली पारी में उन्होंने रिस्की शॉट खेला था और दूसरी पारी में डिफेंस करते नजर आए थे।
‘पंत का सही मांडसेट में होना जरूरी’
इस पर दीप दासगुप्ता ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि उन्हें अपने स्टाइल पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, "उसे ठीक वैसे ही बैटिंग करनी चाहिए जैसे वह आमतौर पर करता है। मुझे कुछ मैच याद हैं जब वह बहुत ज्यादा डिफेंसिव था। मैं चाहूंगा कि वह जबरदस्त डिफेंस करते हुए आउट होने के बजाय छक्का लगाकर आउट हो जाए। ऋषभ को अटैक करने की आजादी मिलनी चाहिए और यही उसकी ताकत भी है। साथ ही, श्रीलंका के स्पिनर ज्यादातर लेफ्ट-आर्म स्पिनर हैं। इसलिए ऋषभ का फॉर्म में होना और सही माइंडसेट रखना इस सीरीज में भारत के लिए बहुत जरूरी है।"
पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, "जिम्मेदारी शब्द एक मुश्किल शब्द है। देखने वालों की सोच भी अजीब है: अगर कोई बैटर डिफेंड करता है और आउट हो जाता है, तो यह गैर-जिम्मेदाराना नहीं है, लेकिन अगर कोई शॉट खेलता है और आउट हो जाता है, तो यह गैर-जिम्मेदाराना हो जाता है। सच तो यह है कि कुछ बैट्समैन की ताकत डिफेंस होती है, जबकि दूसरों के लिए यह अटैक होता है, लेकिन डिफेंड करते हुए आउट होना अब ठीक हो गया है, जबकि अगर यह अटैकिंग शॉट है तो इसे गैर-जिम्मेदाराना या जल्दबाजी माना जाता है।"
मैनेजमेंट को इन चीजों के बारे में सोचना चाहिए
पंत पहली बार श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने वाले हैं। दीप दासगुप्ता का कहना है, "आपको यह एनालाइज़ करना चाहिए कि क्या टाइमिंग सही थी या अटैक करने के लिए बॉलर सही था, लेकिन हममें से ज़्यादातर लोग आउट होने का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाते हैं कि यह अटैकिंग शॉट था या नहीं। हमें यह समझना चाहिए कि एक अटैकिंग बैटर 10 में से 8 बार शॉट खेलते हुए आउट होगा। इसलिए यह जरूरी है कि सिर्फ मजाक के लिए कुछ न कहा जाए।"



