मुझे उसकी क्षमता पता है...अश्विन को भारत के बचे मैचों में संजू सैमसन से ये उम्मीद?
टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 72 रन के अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के बाद दिग्गज ऑफ स्पिनर रहे रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर संजू सैमसन की बल्लेबाजी का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि सैमसन को आक्रामक बल्लेबाजी के रास्ते पर चलना होगा और उसके लिए इससे बेहतर कोई और मौका नहीं हो सकता।

टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की बल्लेबाजी पहली बार तब खुलकर और निखरकर सामने आई जब ग्रुप स्टेज खत्म हो चुका था और टीम सुपर 8 का पहला मुकाबला हार चुकी थी। सेमीफाइनल की उम्मीदें अगर-मगर पर टिकी थीं। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सर्वोच्च स्कोर खड़ा कर दिया। स्कोर बोर्ड पर 256 रन का एवरेस्ट खड़ा कर दिया। इस मैच में टीम इंडिया ने संजू सैमसन को खिलाया और उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग में उतारा। पहले विकेट के लिए दोनों के बीच महज 22 गेंद में 48 रन की साझेदारी हुई। सैमसन 15 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुए लेकिन उन्होंने पावरप्ले के लिए जरूरी मोमेंटम दे दिया था।
टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 72 रन के अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के बाद दिग्गज ऑफ स्पिनर रहे रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर संजू सैमसन की बल्लेबाजी का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि सैमसन को आक्रामक बल्लेबाजी के रास्ते पर चलना होगा और उसके लिए इससे बेहतर कोई और मौका नहीं हो सकता।
अश्विन ने कहा, ‘मैं दोनों पहलुओं को देखूंगा। पहला ये कि मैं जिस संजू सैमसन को जानता हूं, मुझे पता है कि उसकी क्षमता क्या है। दूसरा ये कि भारतीय टीम के लिए सैमसन क्या हैं। इस टीम ने इस वर्ल्ड कप में ओपनिंग साझेदारी की समस्या को इसी मैच में दूर किया। हमनें बेहतर शुरुआत मिली। अगर संजू यहां से फाइनल तक 15 में 28 या 16 गेंद में 30 रन बना लेते हैं तो वह टीम के लिए अपना काम कर चुके होंगे। हो सकता है कि वह बड़े स्कोर भी बना लें लेकिन उन्होंने अपना काम कर दिया है।’
अश्विन ने उम्मीद जताई कि संजू सैमसन आगे के मैचों में अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं जिस सैमसन को पसंद करता हूं, उसे मैं टिकना और बड़े स्कोर बनाते देखना चाहता हूं। इसके लिए इससे बेहतर मौका नहीं होगा। मैं चाहता हूं कि वह अच्छी शुरुआत करे और उसे आगे बढ़ाए। अगर आप वर्षों की मेहनत के बाद यहां पहुंचे हैं, इस प्लेटफॉर्म पर आए हैं तो आपको इसे लपकना होगा।’
आर अश्विन ने संजू को लेकर आगे कहा, 'अगर आप नाकाम भी होते हैं तो ये तो कह ही सकते हैं कि आपने कम से कम कोशिश तो कही। मैं चाहता हूं कि वह इस विश्व कप में शतक जड़ें या मैच-जिताऊ प्रदर्शन करें। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। वह इसके हकदार हैं।'
टी20 विश्व कप में भारत का अब अगला और आखिरी सुपर 8 मुकाबला रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ है। ये मैच एक तरह का क्वार्टर फाइनल बन चुका है। जो भी टीम इस मैच को जीतेगी, वो ग्रुप 1 से सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लेगी। ग्रुप 1 से दक्षिण अफ्रीका पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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