
जानती थी आज उसका दिन है; दिल की सुन हरमनप्रीत ने थमाई शेफाली को गेंद और कमाल हो गया
भारत की लड़कियों ने इतिहास रचते हुए पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। रविवार को नवी मुंबई में हुए फाइनल में हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराया। बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करने वालीं शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारतीय महिला टीम ने आखिरकार आईसीसी टूर्नामेंट का सूखा खत्म कर लिया। रविवार देर रात नवी मुंबई में महिला एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में उसने दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया। विश्व विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद बताया कि किस चीज ने उन्हें प्रेरित किया कि शेफाली वर्मा से गेंदबाजी कराई जाए जिन्होंने इससे पहले अपने पूरे वनडे करियर में सिर्फ 14 ओवर फेंकी थीं। कौर ने कहा कि उन्हें महसूस हो रहा था कि आज शेफाली का दिन है।

बल्लेबाजी में कमाल करने वाली वर्मा को गेंद थमाना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। उन्हें गेंदबाजी देने पर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘जब लौरा वोलवार्ट और सुने लुस बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रही थीं तो मैंने शेफाली को देखा। उसने जैसी बल्लेबाजी की थी तो मुझे पता था कि आज उसका दिन है। वह आज कुछ स्पेशल कर रही थी और मैंने सोचा कि मुझे अपनी गट फीलिंग के साथ जाना चाहिए। मेरा दिल कह रहा था कि कि उसे कम से कम एक ओवर तो देना होगा।’
हरमन ने आगे कहा, 'मैंने उससे बस यूं ही पूछा- क्या तुम एक ओवर डाल सकती हो? और वह इसके लिए पूरी तैयार थी और टीम के लिए हमेशा गेंद डालना चाहती थी। उसने कहा कि अगर गेंदबाजी करूंगी तो 10 ओवर डालूंगी। मुझे लगता है कि वह हमारे लिए टर्निंग पॉइंट रहा। उसे श्रेय जाता है। वह काफी सकारात्मक थी। उसे सलाम।' शेफाली वर्मा फाइनल में अपने मैच विनिंग ऑलराउंड परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।
जीत का श्रेय पूरी टीम को देते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘पूरा श्रेय टीम को, टीम की हर सदस्य को जाता है। हमने लगातार तीन मैच गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद जिस तरह से हम खेले, हम जानते थे कि हम चीजों को बदल सकते हैं। हमने खुद पर भरोसा रखा और सकारात्मक रहे। यह टीम जीत की हकदार थी। बीसीसीआई और दर्शकों को समर्थन करने का श्रेय जो उतार-चढ़ाव में हमेशा हमारे साथ रहे।’
इससे पहले भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 298 रन का स्कोर खड़ा किया। शेफाली वर्मा ने सबसे ज्यादा 87 रन बनाए। 78 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 7 चौके और 2 छक्के जड़े। दीप्ति शर्मा ने 58 गेंदों में 58 रन, स्मृति मंधाना ने 58 गेंदों में 45 रन और रिचा घोष ने 24 गेंदों में 34 रन की धाकड़ पारी खेली।
जीत के लिए 299 रन का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई। कप्तान लौरा वोलवार्ट ने 101 रनों की शतकीय पारी खेली लेकिन वह टीम को नहीं जिता पाईं। एनेरी डर्कसन ने 35 रन का योगदान दिया। भारत की तरफ से ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए। उन्होंने अर्धशतक भी जड़ा था। उनके अलावा शेफाली वर्मा ने 2 और श्री चरणी ने 1 विकेट हासिल किए।
शेफाली वर्मा प्लेयर ऑफ द मैच और दीप्ति शर्मा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गईं।






