मेरी चोट कितनी गंभीर थी इसका शुरू में मुझे अंदाजा ही नहीं था, पहली बार स्प्लीन शब्द सुना: श्रेयस अय्यर
श्रेयस अय्यर ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगी घातक चोट और उससे अपने संघर्ष को लेकर खुलासा किया है। उन्हें पहले तो समझ में ही नहीं आया कि उनकी चोट कितनी खतरनाक है। उन्हें इसका अंदाजा तब हुआ जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

श्रेयस अय्यर ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगी घातक चोट और उससे अपने संघर्ष को लेकर खुलासा किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के उपकप्तान अय्यर ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में बताया कि उन्हें पहले तो समझ में ही नहीं आया कि उनकी चोट कितनी खतरनाक है। उन्हें इसका अंदाजा तब हुआ जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर फील्डिंग के दौरान अय्यर चोटिल हो गए थे। उन्हें स्प्लीन इंजरी हुई थी जो बहुत ही खतरनाक थी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया था जहां करीब एक हफ्ते तक उनका इलाज चला। चोट से उबरने के बाद अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार वापसी की। पहले मैच में उन्होंने नाबाद 49 रन बनाए थे लेकिन बुधवार को दूसरे वनडे में वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए।
अपनी चोट के बारे में अय्यर ने कहा, ‘यह बहुत दर्दनाक था, बहुत ही पीड़ादायक। मुझे तब तक अंदाजा ही नहीं था कि चोट कैसी है जब तक कि मुझे पता नहीं चला कि स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है और ये एक अंग है। मैं तो इस शब्द के बारे तक में नहीं जानता था।’
अय्यर ने कहा कि उन्हें तो अपनी चोट की गंभीरता का अंदाजा अस्पताल में भर्ती होने के बाद लगा। उन्होंने बताया, ‘फिर अगले दिन जब मैं अस्पताल में भर्ती था तब मुझे महसूस हुआ- ओह, ये एक गंभीर चोट थी। हां।’

अय्यर ने बताया, ‘इस प्रॉसेस में मैंने महसूस किया कि मुझे अब खुद को थोड़ा समय देना पड़ेगा क्योंकि मैं ऐसा शख्स हूं जो किसी एक जगह नहीं बैठ सकता। मैं कुछ न कुछ करना जारी रखा था। लेकिन इस चोट ने मुझे खुद के बारे में सोचने और जितना संभव हो आराम करने के लिए खास तौर पर समय दिया क्योंकि ये ऐसा नहीं था कि आप उठो और सीधे काम करना शुरू कर दो।’
श्रेयस अय्यर को उसी तरह की स्प्लीन इंजरी हुई थी जैसी इंजरी अमिताभ बच्चन को कूली फिल्म की शूटिंग के दौरान पुनीत इस्सर के पंच से हुई थी। तब अमिताभ बच्चन के लिए देशभर में प्रशंसकों ने दुआएं की थी और आखिरकार वह मौत के मुंह से बाहर आए थे। इसी तरह अय्यर भी जानलेवा चोट से उबरकर बाहर आए हैं और क्रिकेट के मैदान पर शानदार वापसी की है।

लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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