मैच शुरू होने से पहले ही सोच लिया था कि ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराना है: ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद क्रांति गौड़ का बयान
लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली क्रांति गौड़ पहली महिला क्रिकेटर बनीं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि मैंने मैच शुरू होने से पहले ही तय कर लिया था कि मुझे ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराना है। यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा है।

भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में क्रांति गौड़ ने कमाल कर दिया। वे लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। उनके शानदार प्रदर्शन के कारण भारत को इस मुकाबले में 270 रनों से विशाल जीत मिली। क्रांति गौड़ को पूरे मैच में 7 विकेट लेने के कारण प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। वे लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में 5 विकेट हॉल लेने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं। उन्होंने पहली पारी में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को मैदान पर टिकने ही नहीं दिया। 17 ओवर में 7 मेडन डाले और 37 रन देकर पांच विकेट चटकाए। दूसरी पारी में 2 विकेट हासिल हुए। क्रांति गौड़ ने मैच के बाद अपने विचार साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मैच शुरू होने से पहले ही ऑनर्स बोर्ड में नाम के बारे में सोच लिया था।
मैच शुरू होने से पहले सोच लिया था कि नाम दर्ज कराना है
मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच समेत मैच में कुल सात विकेट लिए। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स के 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा, ''बचपन में कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन आएगा। लेकिन इस टेस्ट की शुरुआत से ही मैंने तय कर लिया था कि मुझे अपना नाम 'ऑनर्स बोर्ड' पर दर्ज कराना है।'' क्रांति ने कहा, ''मुझे और मेरे परिवार को इस उपलब्धि पर बेहद गर्व है। मैं अपने सभी कोच, सीनियर खिलाड़ियों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करती हूं जिन्होंने इस सफर में मेरा साथ दिया।'' उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ''मैंने घर पर एक छोटा-सा संग्रहालय बनाया है और इस मैच का स्टंप हमेशा वहीं सहेजकर रखूंगी।''
करारी हार के बाद क्या बोलीं इंग्लैंड की कप्तान?
इस करारी हार के बाद इंग्लैंड की कप्तान नैट स्काइवर-ब्रंट ने स्वीकार किया कि उनकी टीम मैच की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने और बड़ी साझेदारियां बनाने में विफल रही। उन्होंने कहा, ''पहले दिन हम परिस्थितियों के अनुसार नहीं खेल सके। बल्लेबाजी में भी बड़ी साझेदारियां नहीं बन सकीं। हालांकि खिलाड़ियों ने जुझारूपन दिखाया। लॉर्ड्स पर पहला महिला टेस्ट खेलना शानदार अनुभव रहा।'' उन्होंने कहा, ''टॉस के फैसले से मैं संतुष्ट हूं, लेकिन हमें अभ्यास के लिए कुछ और दिन मिल जाते तो अच्छा रहता। हालांकि एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर आपको प्रारूप बदलने और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होता है।''
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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