
मैं टू-नेशन थिअरी मानता हूं; हरभजन के 'हम एक जैसे' पर अख्तर ने दिखाया था जहर
संक्षेप: एशिया कप में रविवार को सुपर-4 के मैच के दौरान पाकिस्तानी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ने फिफ्टी बनाने के बाद बल्ले को एके-47 के अंदाज में तानकर जश्न मनाया। वो जश्न कम, पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों का मजाक उड़ाया जाना ज्यादा था। वैसे पाकिस्तानी खिलाड़ियों का भारत के प्रति ये जहरीला रुख कोई नया नहीं है।
एशिया कप के सुपर 4 मुकाबले में भारत ने रविवार को दुबई में पाकिस्तान को 6 विकेट से धूल चटाई। मैच के दौरान पाकिस्तान की जहरीली सोच तब सामने आई जब साहिबजादा फरहान ने फिफ्टी जड़ने के बाद बल्ले को एके-47 के अंदाज में थामकर सेलिब्रेशन किया। तब जब अप्रैल में पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में धर्म पूछकर सैलानियों को उनकी बीवी-बच्चों के सामने गोलियों से भून दिया था। पाकिस्तान और उसके खिलाड़ियों की ये जहरीली सोच नई नहीं है। ये रोग पुराना है। शोएब अख्तर ने तो एक बार भारतीय न्यूज चैनल पर हरभजन सिंह के 'भाई-भाई' और 'हम एक जैसे' की बंधुत्व भावना का खुलकर मजाक उड़ाया था कि वह ऐसा नहीं मानते। वह टू-नेशन थिअरी में यकीन करते हैं।

फरहान के एके-47 सेलिब्रेशन ने अख्तर के उस बयान की याद दिला दी। खेल, खेल भावना, दोस्ती, सौहार्द...ये सब पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए भारत के संदर्भ में फिजूल के शब्द हैं। जहरीली जुबां, जहरीली सोच। उनकी हकीकत यही है। ये बात अलग है कि सभ्य समाज की मर्यादा और थोड़ी बहुत लोक लाज की वजह से वे इसे दबाकर रखते हैं लेकिन गाहे-बगाहे उनका जहर सामने आ ही जाता है।
शोएब अख्तर को ही देख लीजिए। एक दौर था जब भारत ही जैसे उनका ठिकाना बन चुका था। भारतीय टीवी चैनलों पर वह नियमित दिखाई देते थे। आज भी यू-ट्यूब वाले उनके धंधे का रंग बहुत हद तक भारतीय दर्शकों की बदौलत ही चोखा रहता है। बहुत ज्यादा पुरानी बात नहीं है। एक बार वह एक भारतीय मीडिया कॉन्क्लेव में शिरकत कर रहे थे। मंच पर उनके साथ भारत के दिग्गज पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह भी थे।
भज्जी ने दोस्ती और बंधुत्व का राग छेड़ते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान तो एक जैसे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि शोएब अख्तर भी उनकी बातों से इत्तेफाक रखेंगे। उन्होंने अख्तर से पूछ लिया, ‘मैं आपको जानता हूं। आप बता दो सबको कि आप भारत के बारे में क्या फील करते हैं? आप भारतीय लोगों के बारे में क्या फील करते हैं? मतलब अगर देखा जाए तो हम हिंदुस्तान, पाकिस्तान एक जैसे दिखते हैं। तो इतनी नफरत किसलिए? इसलिए कि हम एक दूसरे के खिलाफ खेलने लग गए। या फिर हम बेतुका एक दूसरे को बातें बोलते हैं चिढ़ाने के लिए। ये क्यों हैं?’
जवाब में अख्तर अपने अंदर छिपे जहर को सार्वजनिक तौर पर जाहिर करने से नहीं हिचके। उन्होंने कहा, 'भज्जी, मैं इसमें बहुत ज्यादा डीप नहीं जाऊंगा। ये इतिहास में है। टू-नेशन थिअरी से लेकर आज तक की बहुत बड़ी हिस्ट्री है। हम इसमें बिलीव करते हैं, मैं करता हूं टू-नेशन थिअरी में बिलीव। देखिए, हमारा एक आइडियोलॉजी है। उस आइडियोलॉजी पर बात करने चलेंगे न तो वो बहुत दूर निकल जाएगी।'
अख्तर इससे पहले गजवा-ए-हिंद की जहरीली सोच का भी खुलेआम समर्थन कर चुके हैं। एक और पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी तो भारत के खिलाफ जहर उगलने के लिए ही जाने जाते हैं।
रविवार को हुए मैच की बात करें तो अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने पाकिस्तानी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाकर रख दी। पाकिस्तानी गेंदबाज पर्सनल अटैक करते रहे, बदजुबानी करते रहे लेकिन दोनों ने जुबान से ज्यादा बल्ले की भाषा में जवाब दिया। एक हफ्ते के भीतर टीम इंडिया ने दूसरी बार पाकिस्तान को पीटा है। जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता के सवाल पर कहा- कैसी राइवलरी। राइवलरी कहना बंद कर दीजिए। कुछ बराबरी की टक्कर जैसी बात भी तो होनी चाहिए।






