बुरे वक्त में पाकिस्तान के साथ खड़ा है ये प्रोफेशनल कोच, कहा- मैं फुल टाइम टेस्ट कोचिंग देने के लिए तैयार हूं
पाकिस्तान के व्हाइट बॉल कोच माइक हेसन ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की इंग्लैंड के हाथों 3-0 से हार के बाद कहा है कि मुझे मौका मिलेगा तो मैं रेड बॉल क्रिकेट में भी पाकिस्तान को कोचिंग देने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड ने भी कोच बनने का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।

पाकिस्तान के सफेद गेंद कोच माइक हेसन ने इंग्लैंड के हाथों 3-0 से सीरीज हारने के बाद कहा कि अगर मौका मिले तो वह टेस्ट टीम को फुल-टाइम कोचिंग देने के लिए तैयार हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़े बदलाव करते हुए सरफराज अहमद को कोचिंग की जिम्मेदारियों से हटा दिया था और सात खिलाड़ियों को घर वापस भेज दिया था। इसके बाद पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल कोच हेसन को बर्मिंघम में तीसरे टेस्ट के लिए बुलाया गया था। हेसन ने कहा कि हालांकि उन्होंने टेस्ट टीम को कोचिंग देने के बारे में अधिक नहीं सोचा है, लेकिन उन्हें ऐसा करने में कोई परेशानी नहीं है। एजबेस्टन टेस्ट के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हेसन ने कहा, "मैंने अभी इस बारे में सोचा भी नहीं है। मेरे लौटने के लगभग एक सप्ताह बाद एशियाई खेल शुरू होने वाले हैं और सफेद गेंद क्रिकेट के लिहाज से मेरा मुख्य ध्यान उसी पर है। और तब तक मुझे यकीन है कि हम भविष्य में टेस्ट टीम के बारे में कुछ चर्चा कर चुके होंगे।"
मैं टेस्ट टीम की फुल कोचिंग करने के लिए तैयार हूं
उन्होंने कहा, "हां, मैं निश्चित रूप से इसके लिए तैयार रहूंगा। मुझे टेस्ट क्रिकेट पसंद है और मुझे लगता है कि पाकिस्तान के सिस्टम में इतना टैलेंट है कि अगर हम उन्हें सही दिशा दिखा सकें, तो हम काफी आगे बढ़ सकते हैं। लेकिन ज़ाहिर है, ऐसा एक या दो मैचों में नहीं होगा। फिर भी, मुझे लगता है कि वहां कुछ ऐसा हुनर है जिस पर मैं निश्चित रूप से काम करने के बारे में सोचूंगा।"
पाकिस्तान के लिए इंग्लैंड का ऑफर ठुकराया
हेसन ने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद ब्रेंडन मैकुलम की जगह इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें टेस्ट कोच बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन वह पाकिस्तान के साथ अपने वादे पर कायम रहे और अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक उनके साथ बने रहने का फैसला किया।
हेसन ने कहा, "मेरे एजेंट ने मुझसे संपर्क करके कहा कि चर्चा करने का प्रस्ताव आया है और मेरी उपलब्धता के बारे में पूछा - जैसा कि मुझे यकीन है कि कई लोगों से पूछा गया होगा - और मैंने साफ कर दिया कि मैंने पाकिस्तान के साथ काम करने का वादा किया है। मैं एक नौकरी करते हुए दूसरी नौकरी पाने की कोशिश करने में विश्वास नहीं रखता। मैंने कभी इस तरह से काम नहीं किया है। मैं जिन भी पदों पर रहा हूं, वहां पांच-छह साल तक रहा हूं। मैं अपना काम पूरा करता हूं और फिर ब्रेक लेकर तरोताजा होकर कुछ और करने की कोशिश करता हूं। तो, मैं इसी तरह काम करता हूं।"
बर्मिंघम टेस्ट में खिलाड़ियों का पूरा ध्यान खेल पर था
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बर्मिंघम पहुंचने के बाद, हर कोई आगे की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा था। मुझे लगता है कि कुछ खिलाड़ियों ने शायद मुझसे ज़्यादा इन हालात का सामना किया है और उन्होंने बहुत अच्छी तरह से खुद को ढाला। जाहिर है, कुछ खिलाड़ी दूसरों की तुलना में कम क्रिकेट खेलकर आए थे, लेकिन टीम का पूरा ध्यान खेल पर था। मुझे लगता है कि टॉस हारने, अच्छी तेज गेंदबाजी का सामना करने और शुरुआती डेढ़ घंटे में तीन-चार आसान विकेट गंवाने से ड्रेसिंग रूम में थोड़ी अफरातफरी मच गई थी। लेकिन इसके अलावा, मुझे लगता है कि खिलाड़ी शांत और संयमित थे। और मुझे बहुत खुशी है कि पिछले कुछ दिनों में हमने जिस तरह का जज़्बा दिखाया।”



