टेस्ट में विराट कोहली से कितने अधिक रन बनाकर रिटायर हुए केन विलियमसन, देखिए दोनों के आंकड़े
केन विलियमसन ने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है। वे टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली से ज्यादा रन बनाकर रिटायर हुए हैं। ऐसे में जानिए विराट कोहली और केन विलियमसन के टेस्ट क्रिकेट में आंकड़े कैसे हैं।

केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। ऐसे में क्रिकेट फैंस यह जानने को बेताब हैं कि उनका करियर विराट कोहली से कितना आगे या पीछे रहा। ऐसे में आइए टेस्ट क्रिकेट में दोनों का कैसा प्रदर्शन रहा है और ओवरऑल करियर कैसा रहा है इसके बारे में जानते हैं।
केन विलियमसन का टेस्ट करियर
केन विलियमसन ने साल 2010 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से लेकर साल 2026 तक कुल 110 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 195 पारियों में 54.006 की औसत और 51.98 के स्ट्राइक रेट के साथ कुल 9515 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 38 अर्धशतक और 33 शतक निकले। केन विलियमसन ने टेस्ट क्रिकेट में 1063 चौके और 28 छक्के भी लगाए। वे 19 बार इस फॉर्मेट में नॉट आउट पवेलियन लौटे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 6 दोहरे शतक भी लगाए। इस फॉर्मेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 251 रन रहा।
विराट कोहली से इतना आगे हैं विलियमसन
वहीं, विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट करियर की बात की जाए तो उन्होंने साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। 2011 से लेकर 2025 तक के अपने करियर में विराट कोहली ने कल 123 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 210 पारियों में 46.85 की औसत और 55.58 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 9230 रन बनाए। इस तरह देखा जाए तो तुलनात्मक रूप से विराट कोहली रनों और औसत के मामले में केन विलियमसन से बहुत पीछे नजर आते हैं। हालांकि, उन्होंने विलियमसन से 13 अधिक टेस्ट मैच खेले हैं। विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में कल 31 अर्धशतक और 30 शतक लगाए हैं। इस तरह स्पष्ट है कि वह इस मामले में भी केन विलियमसन से पीछे नजर आते हैं। किंग कोहली के बल्ले से टेस्ट क्रिकेट में कुल 1027 चौके और 30 छक्के निकले हैं। 15 बार वह शून्य पर आउट हुए हैं, जबकि 13 बार नॉट आउट पवेलियन लौटे हैं। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में 7 बार दोहरा शतक लगाया है। उनका सर्वोच्च स्कोर 254 रन नाबाद है।
एक युग का हुआ अंत
बता दें कि विराट कोहली और केन विलियमसन जैसे बल्लेबाजों को फैब 4 में रखा गया, जो आधुनिक क्रिकेट के ग्रेट खिलाड़ियों के लिए है। अब एक तरफ विराट कोहली T20 और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं, वह सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हुए दिखाई देते हैं, जबकि आज के दिन से केन विलियमसन भी क्रिकेट का कोई भी अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे। इस तरह क्रिकेट के एक युग का अंत हो गया है, ऐसा कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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