पाकिस्तान संग मुकाबले से पहले नामीबिया के खिलाफ मैच ने कैसे भारत का बढ़ा दिया है सिरदर्द?
नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस की अपरंपरागत स्पिन गेंदबाजी के सामने गुरुवार को भारतीय बल्लेबाज कमजोर नजर आए। उन्हें अब रविवार को कोलंबो में होने वाले T20 विश्व कप के महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक की इसी तरह की गेंदबाजी के खतरे से निपटने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस की अपरंपरागत स्पिन गेंदबाजी के सामने गुरुवार को भारतीय बल्लेबाज कमजोर नजर आए। उन्हें अब रविवार को कोलंबो में होने वाले टी20 विश्व कप के महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक की इसी तरह की गेंदबाजी के खतरे से निपटने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
इरास्मस और तारिक दोनों ही मूल रूप से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं और उसमें असामान्य विविधताओं का इस्तेमाल करते हैं।
इरास्मस ने गुरुवार रात को राउंड ऑर्म ऐक्शन से काफी गेंदें फेंकीं और उनकी स्टंप्स के काफी पीछे से फेंकी गई कुछ गेंदों ने भी भारतीय बल्लेबाजों को चकमा दिया।
उन्होंने चार ओवरों में 20 रन देकर चार विकेट लिए। इरास्मस ने डेथ ओवरों में भी बेहतरीन गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाजों पर भारी पड़े।
दूसरी ओर तारिक गेंद फेंकने से पहले एक अजीबोगरीब विराम लेते हैं। वह गेंद फेंकने के दौरान इतने समय तक रुक जाते हैं कि उनकी गेंदबाजी की वैधता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
भारत को टी20 विश्व कप में सपाट विकेटों की उम्मीद थी, लेकिन मुंबई और दिल्ली की पिचों ने बल्लेबाजों की खूब परीक्षा ली। कोलंबो की पिच पारंपरिक रूप से धीमी मानी जाती है जिससे दोनों टीमों के स्पिनरों को काफी मदद मिल सकती है।
नामीबिया के खिलाफ भारत की तरफ से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में ईशान किशन भी शामिल थे और जीत के बाद उनसे पूछा गया कि क्या इरास्मस का सामना करना रविवार को तारिक और उनकी टीम के खिलाफ खेलने के लिए अच्छी तैयारी थी।
किशन ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने तैयारी पहले ही कर ली है। अब बस गेंद को देखना और अपना स्वाभाविक खेल खेलना बाकी है। इसलिए अगर गेंद सही जगह पर पड़ती है तो एक बल्लेबाज के रूप में हम बस आगे बढ़ना चाहते हैं क्योंकि यह एक टी20 मैच है।'
उन्होंने कहा, ‘हम अच्छा स्कोर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमें अपने मजबूत पक्षों पर भी भरोसा रखना होगा। तैयारी करने जैसी कोई बात नहीं है। मुझे लगता है कि इस स्तर पर हम बस कुछ वीडियो देखते हैं और हमें अंदाजा हो जाता है कि किस तरह की गेंद आने वाली है। इसलिए हम इसे सरल बनाए रख रहे हैं।’
किशन ने हालांकि स्वीकार किया कि अपरंपरागत ऐक्शन से गेंदबाजी करने वाला कोई गेंदबाज बल्लेबाज के दिमाग पर असर डाल सकता है।
उन्होंने कहा, ‘हां, कुछ गेंदों के लिए यह बात आपके दिमाग में चल सकती है, लेकिन मुझे लगता है कि इस स्तर पर आपको अपनी मजबूती पर भी भरोसा रखना होगा। भले ही वह कुछ करने की कोशिश कर रहा हो, हम छक्के या चौके लगा सकते हैं। जब गेंदबाज कुछ अलग करने की कोशिश कर रहा होता है, तो उस समय हम कैसे सोच रहे होते हैं, यह काफी मायने रखता है।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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