
टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक कैसा रहा है बांग्लादेश का प्रदर्शन; क्या कभी सेमीफाइनल में पहुंची है टीम?
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ना आने के फैसले के कारण अब बांग्लादेश चर्चा में है। पड़ोसी देश के भारत ना आने से टूर्नामेंट में क्या प्रभाव पड़ेगा यह सवाल सबके जहन में होगा, लेकिन इससे बड़ा सवाल यह है कि टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में बांग्लादेश ने अब तक कैसा प्रदर्शन किया है। तो आइए बताते हैं इसके बारे में
7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश ने अपनी टीम को भारत ना भेजने का फैसला किया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया है और इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को पत्र लिखकर अपने मैचों को भारत से श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग की है। बीसीबी ने यह फैसला मुस्तफिजुर रहमान विवाद के बाद लिया है। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ना आने के फैसले के कारण अब बांग्लादेश चर्चा में है। पड़ोसी देश के भारत ना आने से टूर्नामेंट में क्या प्रभाव पड़ेगा यह सवाल सबके जहन में होगा, लेकिन इससे बड़ा सवाल यह है कि टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में बांग्लादेश ने अब तक कैसा प्रदर्शन किया है।
कभी भी सेमीफाइनल में नहीं पहुंचा बांग्लादेश
2007 में टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत होने से लेकर साल 2024 तक जितने भी एडिशन हुए हैं बांग्लादेश ने हर टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि टी-20 विश्व कप के इतने संस्करण खेलने के बाद भी पड़ोसी देश की टीम ने फाइनल तो छोड़ दीजिए सेमीफाइन में भी जगह बनाने में असफल रही है। प्रत्येक विश्व कप के एडिशन में बांग्लादेश टीम का औसत प्रदर्शन रहा है और वह कभी भी नॉकआउट में नहीं पहुंच पाई है।
2016 तक का बांग्लादेश का सफर
टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में बांग्लादेश का सफर एक ऐसी टीम के रूप में रहा है जिसने कई बार बड़े उलटफेर किए, लेकिन मुख्य दौर में निरंतरता बनाए रखने में उसे लंबा संघर्ष करना पड़ा। 2007 के उद्घाटन संस्करण में बांग्लादेश ने वेस्टइंडीज को हराकर सुपर-8 में प्रवेश कर सनसनी फैला दी थी, हालांकि वहां वह अपने तीनों मैच हार गई। इसके बाद 2009, 2010 और 2012 के संस्करणों में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह ग्रुप चरण में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी। 2014 और 2016 में टीम ने पहले दौर की बाधा तो पार की, लेकिन सुपर-10 में उसे लगातार हार का सामना करना पड़ा; विशेष रूप से 2016 में भारत के खिलाफ मिली 1 रन की हार काफी चर्चा में रही थी।
2021, 22 और 24 वर्ल्ड कप में भी खास नहीं
हाल के वर्षों में बांग्लादेशी टीम ने अपने प्रदर्शन के ग्राफ में कुछ सुधार दिखाया है, लेकिन बड़े मंचों पर दबाव झेलने की चुनौती बरकरार है। 2021 के वर्ल्ड कप में क्वालीफाइंग राउंड जीतने के बाद टीम सुपर-12 के सभी पांचों मैच हारकर अंक तालिका में सबसे नीचे रही। हालांकि, 2022 के संस्करण में टीम ने वापसी की और नीदरलैंड व जिम्बाब्वे को हराकर 4 अंक हासिल किए। 2024 के टी-20 वर्ल्ड कप में टीम का ग्रुप चरण सबसे सफल रहा, जहां उसने श्रीलंका, नीदरलैंड और नेपाल को हराकर सुपर-8 में जगह बनाई। लेकिन सुपर-8 के कड़े मुकाबले में टीम एक बार फिर लड़खड़ा गई और ऑस्ट्रेलिया, भारत तथा अफगानिस्तान से लगातार तीन मैच हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।
2026 से कम हैं उम्मीदें
बांग्लादेश का टी-20 वर्ल्ड कप का सफर उस नाविक की तरह है जो किनारे (ग्रुप स्टेज) पर तो लहरों से लड़कर रास्ता बना लेता है, लेकिन जैसे ही समुद्र के बीच (सुपर-8/12) पहुंचता है, वहां की ऊंची लहरें और तेज हवाएं उसे बार-बार पीछे धकेल देती हैं। टीम ने सुपर 8 और सुपर 10 में हर बार जगह बनाई है लेकिन कभी भी सेमीफाइन में पहुंचने का ख्वाब पूरा नहीं हो सका है। अब जबकि 2026 का विश्व कप बेहद नजदीक है और क्रिकेट का राजनीतिकरण अपने चरम पर है क्या बांग्लादेश की टीम बड़ी-बड़ी टीमों के होते हुए सेमीफाइनल या फाइनल में अपनी जगह बना पाएगी या खिताब के लिए दावेदारी पेश कर पाएगी कहना मुश्किल है।






