हैट्रिक और पहली गेंद पर सिक्स! लगातार नजरअंदाज हो रहे मोहम्मद शमी का चयनकर्ताओं को अपने अंदाज में जवाब
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे वक्त से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। चयनकर्ता इस पेसर को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं लेकिन वह अपने धमाकेदार प्रदर्शनों से अपने अंदाज में जवाब दे रहे हैं। बंगाल टी20 लीग में पहले तो उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर सिक्स जड़ा और बाद में गेंदबाजी के दौरान हैट्रिक ली।

टीम इंडिया से लंबे वक्त से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लगातार अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को याद दिला रहे कि वह अभी चूके नहीं हैं। उन्हें न तो अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और ओडीआई के लिए चुना गया और न ही ऑयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय स्क्वाड में जगह दी गई। मोहम्मद शमी ने बंगाल टी20 लीग के अपने डेब्यू मैच में न सिर्फ हैट्रिक ली बल्कि बल्लेबाजी में पहली ही गेंद पर सिक्स जड़ा।
ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में बंगाल टी20 लीग में सिलिगुड़ी स्ट्राइकर बनाम राढ़ टाइगर्स मैच में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी छाए रहे।
सिलिगुड़ी स्ट्राइकर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 208 रन का स्कोर खड़ा किया। विशाल भारती ने 46 गेंदों में 86 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान सुदीप चटर्जी ने 23 गेंद में 32, करण ने 28 गेंद में 39 और प्रमोद चंडीला ने 16 गेंदों में 32 रन बनाए। मोहम्मद शमी को भी आखिर के दो गेंद खेलने को मिले। सुखमीत सिंह की गेंद पर शमी ने छक्का जड़ा और उसके बाद दो रन लिए। इस तरह शमी ने 2 गेंदों में नाबाद 8 रन बनाए।
209 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए राढ़ टाइगर्स एक वक्त ऐसा लग रहा था कि जीत जाएंगे। शुवम डे ने 25 गेंद में 48 और राहुल प्रसाद ने 26 गेंद में 44 रन बनाए। 16वें ओवर में टाइगर्स का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 156 रन था। उन्हें आखिरी 24 गेंदों में जीत के लिए 53 रन की जरूरत थी। तभी मोहम्मद शमी उन पर कहर बनकर टूटे।
मोहम्मद शमी ने लगातार तीन गेंदों में 3 विकेट चटकाकर राढ़ टाइगर्स की हार की इबारत लिख दी। उन्होंने शहबाज अहमद, रोहित कुमार और दीपांजन बनर्जी को लगातार गेंदों में आउट कर यादगार हैट्रिक ली। आखिरकार राढ़ टाइगर्स निर्धारत 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 184 रन ही बना सकी। इस तरह उसे 24 रन से हार का सामना करना पड़ा।
मोहम्मद शमी आखिरी बार 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की जर्सी में दिखे थे। उसके बाद से ही वह टीम से बाहर हैं लेकिन घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं।
मोहम्मद शमी बीते रणजी ट्रॉफी में 16.72 की औसत से 37 विकेट झटके और वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में छठे पायदान पर रहे। उन्होंने एक मैच में तो 90 रन देकर 8 विकेट झटके थे और बंगाल को सेमीफाइनल में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। हालांकि सेमीफाइनल में उनकी टीम बंगाल को जम्मू और कश्मीर के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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