गंभीर की मजबूरी नहीं, भारत की जरूरत हैं हर्षित राणा, पूर्व क्रिकटर ने बताया क्यों है यह गेंदबाज टीम का नियमित हिस्सा
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुनाफ पटेल एक पॉडकास्ट में बताया है कि हर्षित राणा को खिलाना गौतम गंभीर की मजबूरी नहीं, बल्कि भारत की जरूरत है। उन्होंने हर्षित राणा की उपयोगिता को बताते हुए कहा कि लोअर ऑर्डर में आपके पास कोई ऐसा गेंदबाज नहीं है, जो 25-30 रन बना सके।

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा भारत के तीनों फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन से इस चीज को साबित भी किया है कि उनमें किस तरह की क्वालिटी है। वे पहले तो गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। 140 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की गेंदबाजी करते हैं, पूरा जोर लगाते हैं। उसके बाद टीम के लिए लोअर आर्डर में आकर विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी भी करते हैं। हर्षित राणा के रिकॉर्ड भी इसकी गवाही देते हैं। उन्होंने कुछ मैचों में भारत को अपनी बल्लेबाजी से जीत की दहलीज तक भी पहुंचाया है। हालांकि, इन सबके बावजूद लोग लगातार यह सवाल उठाते हैं कि गौतम गंभीर हर्षित राणा को लेकर इतने मेहरबान क्यों हैं, वे उन्हें क्यों तीनों फॉर्मेट में खिलाते हैं। इसका जवाब अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुनाफ पटेल ने दिया है। उन्होंने एक पॉडकास्ट में खुलकर बात की है और बताया है कि हर्षित राणा को खिलाना गौतम गंभीर की मजबूरी नहीं, बल्कि भारत की जरूरत है। उन्होंने हर्षित राणा की उपयोगिता को बताते हुए कहा कि लोअर ऑर्डर में आपके पास कोई ऐसा गेंदबाज नहीं है, जो 25-30 रन बना सके। हर्षित राणा ऐसा कर सकते हैं और इसी 25-30 रनों की जरूरत के लिए टीम इंडिया में उन्हें टीम में रखा जाता है।
इस वजह से भारतीय टीम में हैं हर्षित राणा
पॉडकास्ट में पू्र्व क्रिकेटर मुनाफ पटेल ने कहा "हर्षित राणा को गौतम गंभीर क्यों खिला रहे हैं? बहुत से लोग बोल रहे हैं कि गौतम गंभीर हर्षित राणा को फेवर कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि हर्षित राणा को गौतम गंभीर फेवर नहीं कर रहे हैं, बल्कि आपके पास गेंदबाज नहीं हैं। और आपके वो वाला गेंदबाज नहीं है जो 30 रन बनाकर दे सके। बहुत से लोग ये तो कह रहे हैं कि हर्षित राणा को क्यों खिला रहे हैं, लेकिन इस बात को छिपा जाते हैं कि हर्षित राणा से आखिर में 25-30 रनों की उम्मीद है। आपका कोई भी बॉलर अर्शदीप सिंह 30 रन नहीं बना सकते, जसप्रीत बुमराह 30 रन नहीं बना सकते, मोहम्मद सिराज 30 रन नहीं बना सकते तो आपको 8वें नंबर पर कोई तो चाहिए ना जो अच्छी गेंदबाजी भी कर सके और बल्लेबाजी में भी कम से कम 30 रनों का योगदान दे सके। जो बल्लेबाज के साथ खड़ा रहे। कोई भी इस चीज को एक्सप्लेन करने को तैयार नहीं है कि गौतम गंभीर हर्षित राणा को क्यों खिला रहा है। तो आपने एक प्लेयर को लेकर गौमत को बदनाम कर दिया। हर्षित राणा.., हर्षित राणा.., हर्षित राणा..., पिछले 6 महीने के रिकॉर्ड इंजुरी से पहले के देख लीजिए कि हर्षित राणा ने टीम के लिए क्या किया है।"
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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