हैरी ब्रूक का या विल जैक्स वाला? अक्षर पटेल ने बताया उनके लिए कौन सा कैच था ज्यादा मुश्किल
भारतीय उप कप्तान अक्षर पटेल ने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर सात रन की रोमांचक जीत में बेहतरीन क्षेत्ररक्षण का शानदार नमूना पेश किया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि इस पूरे मैच के दौरान ऐसा लग रहा था मानो गेंद उनका पीछा कर रही हो।

भारतीय उप कप्तान अक्षर पटेल ने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर सात रन की रोमांचक जीत में बेहतरीन क्षेत्ररक्षण का शानदार नमूना पेश किया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि इस पूरे मैच के दौरान ऐसा लग रहा था मानो गेंद उनका पीछा कर रही हो।
भारत में सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले 13 कैच छोड़े थे लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ उसके क्षेत्ररक्षकों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत की शानदार फील्डिंग ने बड़ा अंतर पैदा किया। अक्षर पटेल ने खेल के दो अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण चरणों में खतरनाक हैरी ब्रुक और विल जैक्स को आउट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अक्षर ने कवर पोजीशन से 24 मीटर पीछे दौड़कर शानदार कैच लेकर ब्रूक को पवेलियन भेजा। वही ब्रूक जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सुपर 8 में 51 गेंदों में नाबाद 100 रन की कप्तानी पारी खेलकर इंग्लैंड को सेमीफाइनल में पहुंचाया था। इससे पहले अक्षर ने फिल सॉल्ट का भी आसान सा कैच लपका था।
पटेल का सबसे जबरदस्त कैच तो वो रहा जो ऑफिशियली उनके नाम पर नहीं, बल्कि शिवम दुबे के नाम पर दर्ज है। जब जैकब बेथल और विल जैक्स की जोड़ी खतरनाक हो चुकी थी, तब पांचवें विकेट के लिए 83 रन की उस साझेदारी को अक्षर पटेल की जबरदस्त फील्डिंग ने ही तोड़ी। अर्शदीप सिंह की गेंद पर जैक्स ने हवाई फायर किया और तकरीबन छक्का मार ही दिया था।
अर्शदीप सिंह की वाइड फुल टॉस गेंद को जैक्स ने डीप पॉइंट की ओर खेला। अक्षर ने अपनी बाईं ओर दौड़कर गेंद को लपका लेकिन सीमा रेखा पर संतुलन नहीं बना पाने के कारण उन्होंने उसे शिवम दुबे की तरफ उछाल दिया। दुबे ने कैच पकड़ लिया और विल जैक्स की 35 रन की पारी का अंत हो गया।
अक्षर ने कहा, ‘जब मैंने हैरी ब्रूक का कैच लिया तो वह बहुत अच्छा कैच था। वह मुश्किल कैच था। लेकिन अगर आप मैच की स्थिति और इंग्लैंड के बल्लेबाजों की बल्लेबाजी को देखें तो विल जैक्स का कैच बहुत महत्वपूर्ण था जिससे उनकी साझेदारी टूट गई।’
उन्होंने कहा, ‘अगर आप मुझसे फील्डिंग के लिहाज से पूछें तो हैरी ब्रूक का कैच ज्यादा मुश्किल था। (हंसते हुए) आज मुझे लगा कि गेंद मेरा पीछा कर रही है।’
अक्षर ने तब जैक्स को आउट करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया जब वह जैकब बेथेल के साथ मिलकर साझेदारी निभा रहे थे।
अक्षर को बीच में दो मैच में बाहर रखा गया लेकिन इस ऑलराउंडर को पूरा भरोसा है कि वह फाइनल में खेलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है इसीलिए मैंने वे दो मैच नहीं खेले (क्योंकि मुझे फाइनल खेलना था)। यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिसका मैं इतने वर्षों से इंतजार कर रहा था कि आप अपने परिवार के सामने घरेलू मैदान पर मैच खेलें। यह बहुत गर्व का क्षण होता है। मेरा बेटा पहली बार मुझे मैदान पर खेलते हुए देखेगा और यह कुछ ऐसा है जिस पर मुझे बहुत गर्व है।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
और पढ़ें


