
IND vs ENG: दीप्ति शर्मा नहीं, इस प्लेयर के विकेट ने पलटा मैच; कप्तान हरमनप्रीत ने बताया टर्निंग पॉइंट
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इंग्लैंड के खिलाफ करीबी हार के बाद खुद मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। भारतीय टीम को इंदौर में 289 के लक्ष्य का पीछा करते हुए चार रनों से हार का सामना करना पड़ा।
इंग्लैंड ने रविवार को आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में भारत के खिलाफ चार रनों से रोमांचक जीत हासिल की। भारत ने इंदौर के मैदान पर 289 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए छह विकेट के नुकसान पर 284 रन बनाए। भारत अंतिम ओवर में 14 रन नहीं बना सका। यह भारतीय टीम की टूर्नामेंट में लगातार तीसरी हार है। वहीं, इंग्लैंड ने इस जीत के साथ सेमीफाइनल की सीट पक्की कर ली। जब तक ओपनर स्मृति मंधाना (94 गेंदों में 88) क्रीज पर रहीं, भारत का मैच दबदबा था। वह 42वें ओवर में आउट हुईं और तब भारत का स्कोर 234/4 था। उसके बाद इंग्लैंड टीम हावी होती चली गई। मंधाना ने कप्तान हमनप्रीत कौर (70 गेंदों में 70) के साथ तीसरे विकेट के लिए 125 और दीप्ति शर्मा (57 गेंदों में 50) के संग चौथे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदार की। मंधाना के पवेलियन लौटने के बाद ऑलराउंडर दीप्ति से भारतीय खेमे को काफी उम्मीदें थी मगर वह 47वें ओवर में विकेट गंवा बैठीं। अमनजोत कौर (नाबाद 18) और स्नेह राणा (नाबाद 10) अंत में दबाव नहीं झेल सकीं।

हरमनप्रीत ने मंधाना के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट करार दिया है। भारतीय कप्तान ने करीबी हार के बाद कहा, ''मुझे लगता है कि स्मृति का विकेट हमारे लिए टर्निंग पॉइंट था। हमारे पास काफी बल्लेबाज थे। समझ नहीं आ रहा कि चीजें कैसे हाथ से निकल गईं। हालांकि, इंग्लैंड का पूरा श्रेय जाता है। उन्होंने अंत तक आस नहीं छोड़ी। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी जारी रखी और विकेट लेते रहे। जब आप इतनी मेहनत करें और अंत तक अच्छा प्रदर्शन करते रहे लेकिन लास्ट के 5-6 ओवर योजना के मुताबिक नहीं गए। निश्चित रूप से यह बहुत ही दिल तोड़ने वाला पल है। हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, हम हार नहीं मान रहे हैं। अब हमें जीत की रेखा पार करनी होगी क्योंकि पिछले तीन मैचों में हमने अच्छा क्रिकेट दिखाया है लेकिन दुर्भाग्य से हम हार गए। अगला मैच हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।'' कप्तान ने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ की है।
उन्होंने आगे कहा, ''हमारे गेंदबाजों ने बहुत अच्छा काम किया क्योंकि जब नैट और हीथर बल्लेबाजी कर रही थीं तो वे बहुत मजबूत लग रही थीं। और हमने सोचा कि अगर हम उन्हें 300 से कम के स्कोर पर रोक सकें तो यह हमारे लिए फायदेमंद होगा क्योंकि पिच और मैदान बहुत तेज है और हम लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं। यही वजह थी कि हम पहले गेंदबाजी करना चाहते थे। हमने कई चीजें सही कीं मगर आखिरी पांच ओवरों में बतौर टीम हमें बैठकर पुनर्विचार करने की जरूरत है। मुझे लगता है कि जब मैं और स्मृति बैटिंग कर रहे थे तब हालात कंट्रोल में थे। स्मृति का विकेट हमारे लिए टर्निंग पॉइंट था लेकिन फिर भी हमारे पास ऋचा, अमनजोत और दीप्ति थीं, जिन्होंने पहले भी हमें मैच जिताए हैं। हालांकि, दुर्भाग्य से इंग्लैंड के खिलाफ हम ऐसा नहीं कर पाए।'' मेजबान भारत को अपने आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड और बांग्लादेश से भिड़ना है। सेमीफाइनल का सिर्फ एक स्लॉट खाली है।






