टी20 विश्व कप में संजू सैमसन इंडिया के प्लेइंग इलेवन प्लान में क्यों नहीं थे? गौतम गंभीर ने किया खुलासा
टी20 विश्व कप के लिए संजू सैमसन न ओपनिंग के लिए पहली पसंद थे और न ही विकेटकीपर के लिए। अब मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बताया है कि संजू को विश्व कप के शुरुआती कुछ मैचों में क्यों प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया था।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 'करो या मरो' मैच में ऐतिहासिक पारी खेलने वाले संजू सैमसन सबकी जुबान पर हैं। भारत को 196 रन का लक्ष्य मिला था। टूर्नामेंट के इतिहास में टीम इंडिया कभी भी उतने बड़े लक्ष्य का सफल पीछा नहीं कर सकी थी। जाहिर है, सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को इतिहास रचना था। ओपनिंग करने उतरे संजू सैमसन ने विजयी शॉट लगाकर वो कर दिखाया। टी20 विश्व कप के इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी पारी खेली। भारत ने भी सबसे बड़े लक्ष्य के सफल रन चेज का रिकॉर्ड बनाया। लेकिन टी20 विश्व कप के लिए संजू सैमसन न ओपनिंग के लिए पहली पसंद थे और न ही विकेटकीपर के लिए। अब मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बताया है कि संजू को विश्व कप के शुरुआती कुछ मैचों में क्यों प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया था।
संजू सैमसन ने दबाव की स्थिति में नाबाद 97 रन की पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 50 गेंदों का सामना किया। 14 चौके और 4 छक्के लगाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। संजू सैमसन की इस पारी की तुलना चेज मास्टर विराट कोहली से की जा रही है। हर कोई सैमसन की तारीफ में कसीदे पढ़े जा रहा है। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बताया कि सैमसन के टैलेंट पर कभी भी कोई संदेह नहीं था लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब द्विपक्षीय सीरीज के बाद टीम मैनेजमेंट ने उन्हें टी20 विश्व कप में बाहर बिठाने का फैसला लिया।
गौतम गंभीर ने कहा, 'साफ तौर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी सीराज खराब गई थी। इसलिए उन्हें (सैमसन) को ब्रेक देना महत्वपूर्ण था क्योंकि आप खिलाड़ी को दबाव वाली स्थिति से दूर रखना चाहते हैं।'
एशिया कप के दौरान शुभमन गिल की वापसी के बाद संजू सैमसन को बल्लेबाजी क्रम में नीचे कर दिया गया था। इससे उनकी लय प्रभावित हुई थी। उसके बाद सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी सीरीज में मौका दिया गया लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा पाए। वह पांच मैच की सीरीज में सिर्फ 10, 6, 0, 24 और 6 रन ही बना पाए। उसके बाद टी20 विश्व कप में भारत की प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पर सवालिया निशान लग गए थे।
अमेरिका के खिलाफ विश्व कप में भारत के पहले मैच में संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिली। नामीबिया के खिलाफ दूसरे मैच में अभिषेक शर्मा के बीमार होने की वजह से उन्हें मौका मिला। उसके बाद उन्हें फिर से ड्रॉप कर दिया गया।
संयोग से भारतीय शीर्ष क्रम पावरप्ले में ऑफ-स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष करता दिखा। वजह ये थी कि हमारे दोनों नियमित ओपनर अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के साथ-साथ तीसरे नंबर के बल्लेबाज तिलक वर्मा भी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। ऑफ स्पिन गेंदबाजी के टॉप ऑर्डर के स्टार लेफ्टहैंडर बैटर्स के फ्लॉप होने के बाद भारत ने आखिरकार रणनीति बदली। संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में वापस लाया गया। ईशान किशन को ओपनिंग के बजाय तीसरे नंबर पर नीचे किया गया।
गौतम गंभीर ने बताया, ‘मैंने सबसे बातचीत की। वैसे भी इस स्क्वाड में जो भी खिलाड़ी हैं वे सभी वर्ल्ड क्लास प्लेयर हैं क्योंकि इसी वजह से तो वे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हमें हमेशा से संजू के टैलेंट के बारे में पता था। 3 टी20 शतक, बहुत लोगों ने ये कारनामा नहीं किया है, इसलिए हम ये हमेशा से जानते थे। हम हमेशा से जानते थे कि भारत को जब भी वर्ल्ड कप के किसी मैच में उनकी जरूरत होगी, वे आएंगे और हमारे लिए परफॉर्म करके दिखाएंगे।’
गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन की मैच-विनिंग इनिंग्स की नींव तो जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में उनकी 15 गेंदों में 24 रन की पारी के दौरान ही पड़ गई थी। उस मैच में उन्हें रिंकू सिंह की जगह पर प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी।
गंभीर ने कहा, 'जिम्बाब्वे के खिलाफ उसने हमारे लिए अच्छा काम किया। पहले तीन ओवरों में हम जिस तरह की शुरुआत चाहते थे, वैसी शुरुआत मिली। और अब एक बार फिर उसने अपने टैलेंट को दिखाया। हम संजू से और ज्यादा निरंतरता की आशा करते हैं।'
टी20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में 5 मार्च को भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत होगी। उससे पहले 4 मार्च को पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच टक्कर होगी।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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