एक बात याद रखना कि...पिता के निधन के बाद रिंकू सिंह को लेकर कोच गौतम गंभीर ने क्या कहा?
भारतीय टीम के बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता का हाल ही में निधन हो गया था। वह कैंसर से जूझ रहे थे। पिता के निधन के बाद रिंकू की हेड कोच गौतम गंभीर ने हिम्मत बढ़ाई है।

भारतीय टीम के बल्लेबाज रिंकू सिंह पर हाल ही में गमों का पहाड़ टूटा। उनके पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वह कैंसर से पीड़ित थे। रिंकू पिता के निधन के बाद अपने घर आए थे लेकिन वेस्टइंडीज मैच से पहले टीम से जुड़ गए। जब साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच के बाद उनके पिता की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी, तब भी रिंकू टी20 वर्ल्ड कप 2026 छोड़कर घर आए थे। हालांकि, वह जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के लिए चेन्नई पहुंच गए। वह दोनों मैचों में भारतीय प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। पिता के निधन के बाद रिंकू ने जिस तरह की हिम्मत दिखाई, उसकी हेड कोच गौतम गंभीर ने सराहना की है। उन्होंने टीम हडल में 28 वर्षीय बल्लेरबाज की हिम्मत बढ़ाते हुए कहा कि तुम अकेले नहीं हो।
गंभीर ने मंगलवार को बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, "रिंकू फिर से आकर टीम में शामिल होने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए। एक बात याद रखना कि तुम अकेले नहीं हो। पूरी टीम तुम्हारे साथ खड़ी है। मजबूत बने रहो।" रिंकू के पिता 58 वर्ष के थे और लिवर के कैंसर से जूझ रहे थे। उनका काफी समय से ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में इलाज हो रहा था। हाल में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी, जिसके बाद 21 फरवरी से अस्पताल में ही भर्ती थे। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली वेंटिलेटर पर रखा गया था और शुक्रवार तड़के अंतिम सांस ली। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले रिंकू की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ रहा। अलीगढ़ में गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम करने वाले खानचंद ने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में हरसंभव मदद की।
भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार को टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल खेला जाना है। यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित होगा। गंभीर ने टीम हडल में दमदार स्पीच दी। उन्होंने कहा कि नॉकआउट मैच में खिलाड़ियों दबाव को स्वीकार करते हुए खेल का लुत्फ उठाएं। हेड कोच ने कहा, ''प्रेशर तो है। यह क्लियर है। हालांकि, सुनिश्चित करें कि हम प्रेशर से दूर न भागें। हम उसे अपनाएं और उसका सामना करें। अगर कभी लगे कि हम प्रेशर में हैं तो सकारात्मक कदम उठाएं। इस मैच को खेलने का आनंद उठाइए। आप इसलिए ही खेलते हैं। यही आपने अपनी पूरी जिंदगी किया है। घर पर नॉकआउट जैसा गेम है। उत्साहित होकर मैदान में उतरें। 40 ओवर पर फोकस रखें। हिम्मत रखें। एंजॉय करें। देश के लिए खेलने का लुत्फ उठाएं। और सबसे जरूरी बात एक-दूसरे के साथ खेलने को एंजॉय करें। गुड लक।''
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Md.Akramमोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार
परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।
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