गंभीर को बाहर ना करो जी.., पूर्व सिलेक्टर ने भारतीय हेड कोच का किया बचाव, कहा- असली परीक्षा तब होगी जब..
भारत के पूर्व क्रिकेटर और चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने गंभीर का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा है कि गंभीर को मजबूत टीम नहीं मिली थी। उन्हें इस सीरीज से जज करना गलत होगा। उनका वास्तविक आकलन तब होगा जब हार्दिक पांड्या और बुमराह टीम में होंगे।

भारत के पूर्व क्रिकेटर और चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष एमएसके प्रसाद का मानना है कि इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं में मुख्य कोच गौतम गंभीर का सही आकलन नहीं किया जा सकता क्योंकि टीम के दो प्रमुख खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह उपलब्ध नहीं थे।
गंभीर का वास्तविक आकलन तब होगा जब वो..
पंड्या फिटनेस कारणों से दौरे का हिस्सा नहीं थे, जबकि बुमराह को टी20 प्रारूप से आराम दिया गया था। भारत को आयरलैंड के खिलाफ चौंकाने वाली 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से श्रृंखला गंवानी पड़ी। प्रसाद ने सोमवार को 'पीटीआई' से कहा, ''सिर्फ टीम के खराब प्रदर्शन के आधार पर पूरा दोष मुख्य कोच पर नहीं डाला जा सकता। यह नहीं कहा जा सकता कि गंभीर खिलाड़ियों को प्रेरित नहीं कर पाए। जब टीम टूर्नामेंट या विश्व कप जीतती है तो उसका श्रेय भी केवल कोच को नहीं दिया जा सकता। सफलता और असफलता कई वजहों पर निर्भर करती है। ऐसे में गंभीर को अभी खारिज करना जल्दबाजी होगी।" उन्होंने कहा कि गंभीर का वास्तविक आकलन तब होना चाहिए, जब भारत अपनी पूर्ण क्षमता वाली टीम के साथ अगली टी20 श्रृंखला खेले। प्रसाद ने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम से बाहर किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर बार संजू पर ही चयन की गाज गिरना समझ से परे है। उन्होंने कहा, ''संजू को बाहर करना बड़ी गलती थी। इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में वह भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। उछाल वाली पिचों पर उनका खेल बेहद प्रभावी रहता है।"
वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर भी उठाए सवाल
पूर्व चयनकर्ता ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में पदार्पण कराने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, इससे टीम संयोजन पर अनावश्यक दबाव बना।उन्होंने कहा, ''किसी युवा खिलाड़ी को तैयार करना है तो उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ाना चाहिए। आयरलैंड या जिम्बाब्वे जैसे दौरों पर उसे अवसर देना समझ में आता है, लेकिन 15 वर्ष के असाधारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी के साथ बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि सूर्यवंशी को पहले आयरलैंड दौरे पर मौका दिया जाना चाहिए था और उससे पहले उन्हें घरेलू क्रिकेट का पूरा एक सत्र खेलने दिया जाता तो बेहतर होता। प्रसाद ने कहा, “वैभव लगातार खेल रहे हैं-आईपीएल, फिर इंडिया ए श्रृंखला। इतनी कम उम्र में लगातार क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता। ऐसे खिलाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना ही बेहतर होता है।”
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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