छोटा पैकेट बड़ा धमाका, 14 की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने कर दिखाया कमाल; बना दिया भारत को चैंपियन
भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी के रूप में एक विस्फोटक बल्लेबाज मिला है। वैभव की अगुवाई में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को फाइनल में 100 रनों से हराकर धमाकेदार अंदाज में जीत हासिल की। वैभव ने 14 साल की उम्र में कई बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।

विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 साल की उम्र में ही अपनी बल्लेबाजी से सबका मन मोह लिया है। शुक्रवार (6 फरवरी) को इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में धमाकेदार 175 रन की पारी खेलकर 14 वर्षीय बल्लेबाज ने अपना नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज करवाया। वैभव ने बहुत छोटी उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनके टैलेंट को देखते हुए घरवालों ने युवा क्रिकेटर का पूरा सपोर्ट किया। वैभव ने सिर्फ 12 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी डेब्यू किया था। इसके बाद से उन्होंने अपने प्रदर्शन से खूब नाम कमाया है।
कौन है वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव ताजपुर में हुआ है। उनके क्रिकेट के प्रति जुनून को उनके पिता, संजीव सूर्यवंशी ने बहुत पहले ही पहचान लिया था। 6 साल की उम्र में ही उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखानी शुरू कर दी थीं। वैभव ने बहुत कम उम्र में क्लब क्रिकेट और जिला स्तरीय क्रिकेट में रनों का अंबार लगाना शुरू कर दिया था।
वैभव का क्रिकेट करियर
वैभव का क्रिकेट सफर बहुत छोटी उम्र से ही शुरू हो गया था। बिहार के एक साधारण परिवार से आने वाले वैभव ने अपनी आक्रामक बैटिंग से दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं। वैभव के पिता ने उन्हें एक बेहतर क्रिकेट बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनके पिता ने बचपन में प्रैक्टिस के लिए घर के पीछे ही एक पिच बनाई, जहां वैभव लंबे समय तक रोज अभ्यास किया करते थे। वैभव ने 12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार के लिए रणजी डेब्यू किया था। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले भारत के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी हैं। आईपीएल 2025 में 13 साल की उम्र में सबसे कम उम्र में आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाले खिलाड़ी बने। वैभव सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी हैं।
शुरुआती उपलब्धियां और डेब्यू
वैभव सूर्यवंशी ने 12 साल की उम्र में विनू मांकड ट्रॉफी में बिहार के लिए खेला। इस दौरान उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। अंडर-19 क्वाड्रेंगुलर सीरीज (2023) में इंडिया बी के लिए खेलते हुए उन्होंने 6 पारियों में 177 रन बनाए। वैभव सिर्फ 13 साल की उम्र में आईपीएल अनुबंध हासिल करने वाले बल्लेबाज हैं। वह IPL इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और सबसे कम उम्र में शतक (35 गेंद में) लगाने वाले बल्लेबाज बने। वैभव ने जनवरी 2024 में बिहार की ओर से मुंबई के खिलाफ अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया। उस समय उनकी उम्र मात्र 12 साल 284 दिन थी। वह आधुनिक युग में डेब्यू करने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बने।
अंडर-19 विश्व कप फाइनल में वैभव चमके
चौदह साल के सूर्यवंशी ने यादगार पारी खेली और महज 55 गेंद में तीन अंक का आंकड़ा छूकर इस टूर्नामेंट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है और टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में यह टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है। सूर्यवंशी के नाम अब अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन (71 गेंद में) बनाने का रिकॉर्ड भी है। उन्होंने टूर्नामेंट में पहले इसी मैदान पर इंग्लैंड के बेन मेयेस के रिकॉर्ड को बेहतर बनाया जिन्होंने 98 गेंद में 150 रन बनाए थे।
सूर्यवंशी के दबदबे का अंदाजा इससे ही लग जाता है कि उनके 100 से 150 रन तक पहुंचने के दौरान दूसरे छोर पर खड़े वेदांत त्रिवेदी ने सिर्फ चार गेंदों का सामना किया। सूर्यवंशी की बल्लेबाजी इतनी जबरदस्त थी कि आधे मैच तक भारत का रन रेट लगभग 10 था और उस चरण पर टीम का अनुमानित स्कोर 500 था।
बिहार के समस्तीपुर का यह खिलाड़ी दो घंटे से भी कम समय में क्रिकेट की दुनिया को हैरान करने के बाद 26वें ओवर में मैनी लम्सडेन की शॉर्ट गेंद को स्कूप करने की कोशिश में आउट हो गया। विकेटकीपर थॉमस रियू ने उनका कैच लपका। इंग्लैंड के खिलाड़ी सूर्यवंशी को ऐसी पारी पर बधाई देने के लिए उनकी ओर दौड़े जो विश्व कप फाइनल में अक्सर देखने को नहीं मिलती।
सूर्यवंशी ने अकेले इसी चरण में 22 छक्के लगा दिए और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को पीछे छोड़ दिया जिन्होंने 2022 में 18 छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था। सूर्यवंशी इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

लेखक के बारे में
Himanshu Singhहिमांशु सिंह (कंटेंट प्रोड्यूसर)
हिंमांशु सिंह पिछले 6 वर्षों से खेल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय और अनुभव
हिमांशु सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें हिंदी पत्रकारिता में करीब 6 साल का अनुभव है। इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई आईएमएस (नोएडा) से की है। 2017 में पंचायती टाइम्स वेबसाइट में बतौर ट्रेनी खेल पत्रकारिता का पहला अनुभव हासिल किया। 2018 में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर के तौर पर ईटीवी से जुड़े। यहां पर करीब तीन साल काम करने के बाद इनसाइडस्पोर्ट्स से जुड़े। यहां पर एक साल तक रहे। उन्होंने 2022 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी। खेल की बारीकियों को समझने और उन्हें पाठकों तक रोचक अंदाज में पहुंचाने में उन्हें महारत हासिल है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि : हिमांशु ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईएमएस (नोएडा) से पूरी की है। खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही खेल पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने 2017 में 'पंचायती टाइम्स' वेबसाइट में बतौर ट्रेनी अपने करियर का पहला कदम रखा, जहां उन्होंने खेल रिपोर्टिंग की बुनियादी बारीकियां सीखीं।
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