भारत की जीत पर पाकिस्तानी दिग्गज हुए 'लट्टू', बताया सूर्या ब्रिगेड क्यों ट्रॉफी उठाने की हकदार थी?
भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अपने नाम कर लिया है। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त दी। भारत की जीत पर पाकिस्तानी दिग्गज 'लट्टू', हो गए हैं। उन्होंने बतया कि सूर्या ब्रिगेड क्यों ट्रॉफी उठाने की हकदार थी?
भारत के लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रचने के बाद पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने टीम की सराहना की है। पूर्व टेस्ट कप्तान और महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने कहा कि कोई भी टीम जो सेमीफाइनल और फाइनल में 250 से अधिक का स्कोर बनाती है वह चैंपियन बनने की हकदार है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद में फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच विकेट पर 255 रन बनाने के बाद 96 रन से जीत दर्ज की।
मियांदाद ने कहा, ''उनकी टीम (भारत) अब एक मजबूत प्रक्रिया आधारित क्रिकेट ढांचे का फायदा उठा रही है।'' उन्होंने कहा, ''अगर आप देखें कि वे अब कितनी प्रतिभा तैयार कर रहे हैं तो यह उनके मजबूत ढांचे की वजह से है। उनके पास बल्लेबाज, स्पिनर या तेज गेंदबाजों की कमी नहीं है और उनके युवा खिलाड़ी नतीजा हासिल करने के लिए खेलते हैं और उन्हें खेल की जानकारी है।'' इस पूर्व महान खिलाड़ी ने कहा कि जब किसी टीम के ड्रेसिंग रूम में जीतने की संस्कृति और मानसिकता बन जाती है तो इससे हमेशा खिताब जीतते हैं, यही वजह है कि भारत ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती थी। उन्होंने कहा, ''हमारे ड्रेसिंग रूम में एक बार ऐसा माहौल था और हम अक्सर जीतते थे।''
पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि भारत की जीत कोई हैरानी की बात नहीं थी क्योंकि उनके खिलाड़ी अब दबाव में खेलने के आदी हो गए हैं। उन्होंने कहा, ''जब आप नियमित तौर पर बड़ी प्रतियोगिताओं के फाइनल में पहुंचते हैं तो खिलाड़ी भी जीतने के आदी हो जाते हैं।'' राशिद ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम में निरंतरता और स्थिरता भी उनकी सफलता का एक अहम कारण है जबकि इसके विपरीत पाकिस्तान में बार-बार बदलाव और बेसब्री ने कई समस्याएं पैदा की हैं।
पूर्व टेस्ट तेज गेंदबाज सिकंदर बख्त ने कहा कि जब तक पसंद, नापसंद, चयन और कप्तानी के गलत फैसले लेने की मौजूदा संस्कृति खत्म नहीं होती तब तक पाकिस्तान टीम बड़ी प्रतियोगिताओं में बड़ी टीमों के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी। सिकंदर ने कहा, ''हमें अपनी नाकामियों के लिए बहाने ढूंढना बंद करना होगा और सही फैसले लेने होंगे।'' पिछले साल तक पाकिस्तान महिला टीम के मुख्य कोच रहे पूर्व टेस्ट बल्लेबाज और मुख्य चयनकर्ता मुहम्मद वसीम ने कहा कि जब तक पाकिस्तान में हर कोई एक टीम के तौर पर भारत के वर्चस्व को स्वीकार नहीं कर लेता तब तक कुछ नहीं बदलेगा।
उन्होंने कहा, ''आम तौर पर हम जब भी भारत से हारते हैं या वे बड़ी प्रतियोगिताओं में अच्छा करते हैं तो हम कमियां निकालने और साजिश की बातें फैलाने की कोशिश करते हैं। हमें इसे रोकना होगा और यह स्वीकार करना होगा कि उनकी टीम एक शीर्ष टीम है और हमें अपनी गलतियों से सीखकर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए।'' पूर्व मुख्य कोच मोहसिन खान ने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड लाल गेंद के क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट पर इतना ध्यान दे रहा है इसलिए वे ऐसे खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं जो कड़ी मेहनत से आगे बढ़ते हैं। मोहसिन ने कहा, ''इसके अलावा मुझे भारतीय खिलाड़ियों में कोई असुरक्षा की भावना नहीं दिखती। शायद इसलिए क्योंकि वित्तीय तौर पर उनका बोर्ड उनका बहुत अच्छे से ध्यान रखता है।''
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Md.Akramमोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार
परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
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