श्रीसंत ने वैभव सूर्यवंशी को इन खतरों से दूरी बनाने की दी सलाह, पिता संजीव को ढाल बनने के लिए कहा
श्रीसंत ने वैभव सूर्यवंशी को मैनेजर्स से दूर रहने और अपने खेल पर ध्यान देने की सलाह दी है। उनका मानना है कि वैभव के परिवार को ऑफ फील्ड चीजों को संभालना चाहिए।

वैभव सूर्यवंशी आगामी कुछ दिनों में पहली बार भारतीय जर्सी में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। उन्हें अंडर-19 और आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। उनके आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स में खेलने की उम्मीद है। इस समय वैभव इंडिया ए के लिए खेल रहे हैं, जहां श्रीलंका के खिलाफ कमाल नहीं दिखा सके लेकिन अफगानिस्तान ए मैच में अच्छी पारी खेली। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस श्रीसंत ने उनको बढ़ते चकाचौंध के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने वैभव के पिता संजीव को भी शुरुआती खतरों से बचाए रखने के लिए कहा है।
श्रीसंत ने वैभव को सलाह दी है कि वह जमीन से जुड़े रहे और सिर्फ अपने क्रिकेट पर पूरा ध्यान दें। बाकी सब चीजें परिवार को संभालने दे। श्रीसंत ने एक मीडिया चैनल से इंटरव्यू में कहा, ''वैभव, अगर तुम देख रहे हो, मेरी आपसे एक ही गुजारिश है, इन मैनेजर्स को साइड में रख दो और सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दो। बाकी सब तुम्हारे पिता और परिवार संभाल लेंगे। इन प्रोफेशनल मैनेजर्स से दूरी बनाकर रखो।'' द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान रॉयल्स वर्तमान में सूर्यवंशी से जुड़े ब्रांड और कमर्शियल अवसरों की देखरेख कर रही है। क्योंकि उनके परिवार को प्रोफेशनल क्रिकेट के बिजनेस पक्ष को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, ''वैभव के बारे में हम जितना भी कहें, उतना कम होगा। वैभव की चाहे जितनी प्रशंसा कर लें, वो फिर भी कम होगी। क्रिकेट खेलने और क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले सभी छोटे बच्चों को उन्होंने एक नई राह दिखाई है। पहले हमारे पास सचिन पाजी थे, फिर विराट कोहली और रोहित शर्मा। लेकिन इस उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने जो कुछ दिखाया है, वह समर्पण और लगन का बेहतरीन उदाहरण है।"
पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, ''कोरोना के दौरान वैभव की छत पर प्रैक्टिस करते हुए वीडियो काफी वायरल हो रहे थे। उनके पिता के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है। उनके सभी कोच और सपोर्ट सिस्टम में शामिल हर व्यक्ति को सम्मान, क्योंकि लोग अक्सर क्रिकेट में अवसरों की ही बात करते हैं। लेकिन कल्पना कीजिए, हर दिन चार घंटे सफर करना, ये भी नहीं जानते हुए कि मौका मिलेगा या नहीं। प्रैक्टिस करना और घर लौटना और फिर दोबारा यही करना। रोजाना 750 से 1,000 गेंदे खेलना, ड्रिल्स करना, लगातार कड़ी मेहनत करना और फिर उनके मुंह से यह सुनना कि उन्हें आराम के दिन का मौज मस्ती करना भी पसंद नहीं है। मैं उससे सीखूंगा। सभी दिग्गज क्रिकेटरों के प्रति पूरे सम्मान के साथ कहता हूं कि इस बच्चे ने जो प्रदर्शन दिखाया है, वह बेमिसाल है। उसे जस का तस रहने दो। अब बहुत सारे मैनेजर और एजेंट उसके चारों तरफ घूमने लगेंगे।''
लेखक के बारे में
Himanshu Singhहिमांशु सिंह (कंटेंट प्रोड्यूसर)
हिंमांशु सिंह पिछले 6 वर्षों से खेल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय और अनुभव
हिमांशु सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें हिंदी पत्रकारिता में करीब 6 साल का अनुभव है। इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई आईएमएस (नोएडा) से की है। 2017 में पंचायती टाइम्स वेबसाइट में बतौर ट्रेनी खेल पत्रकारिता का पहला अनुभव हासिल किया। 2018 में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर के तौर पर ईटीवी से जुड़े। यहां पर करीब तीन साल काम करने के बाद इनसाइडस्पोर्ट्स से जुड़े। यहां पर एक साल तक रहे। उन्होंने 2022 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी। खेल की बारीकियों को समझने और उन्हें पाठकों तक रोचक अंदाज में पहुंचाने में उन्हें महारत हासिल है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि : हिमांशु ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईएमएस (नोएडा) से पूरी की है। खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही खेल पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने 2017 में 'पंचायती टाइम्स' वेबसाइट में बतौर ट्रेनी अपने करियर का पहला कदम रखा, जहां उन्होंने खेल रिपोर्टिंग की बुनियादी बारीकियां सीखीं।
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