बेखौफ ईशान किशन ने हमसे मैच छीन लिया…हार से निराश पाकिस्तान के कोच माइक हेसन ने बताया कहां हुई चूक
पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन ने कहा कि बेखौफ होकर खेल रहे ईशान किशन के तूफानी अर्धशतक ने उनकी टीम और भारत के बीच अंतर पैदा किया। किशन की 40 गेंद पर 77 रन की तूफानी पारी की मदद से भारत ने रविवार को कोलंबो में पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर आठ में जगह पक्की कर ली।

पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन ने कहा कि बेखौफ होकर खेल रहे ईशान किशन के तूफानी अर्धशतक ने उनकी टीम और भारत के बीच अंतर पैदा किया।
किशन की 40 गेंद पर 77 रन की तूफानी पारी की मदद से भारत ने रविवार को कोलंबो में पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर आठ में जगह पक्की कर ली।
हेसन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मुझे लगता है कि वह बेखौफ होकर खेलता है। वह मैदान के दोनों तरफ रन बना सकता है। इसलिए वह सिर्फ लेग साइड तक ही सीमित नहीं है। हम जानते हैं कि वह लेग साइड का मजबूत बल्लेबाज है, लेकिन वह रिवर्स शॉट भी खेल सकता है। इसलिए, अगर विशेष कर पावर प्ले में स्पिन गेंदबाज गेंदबाजी कर रहे हो तो उसे रोकना चुनौती हो सकती है।’
हेसन ने स्वीकार किया कि किशन ने प्रेमदासा की धीमी पिच पर पाकिस्तान के धीमे गेंदबाजों के खिलाफ 37 गेंदों में 66 रन बनाकर उनकी स्पिन-प्रधान रणनीति को ध्वस्त कर दिया।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जिस तरह से वह शानदार फॉर्म में हैं, उससे हमारे स्पिनरों पर काफी दबाव पड़ा और शायद वे 'बेसिक्स' से भटक गए। उसके अलावा (शिवम) दुबे का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर था, लेकिन मुकाबला कठिन था। किशन की पारी वास्तव में पूरे मैच में सबसे बेहतरीन थी। किशन जिस तरह से खेला, उसने हमसे मैच छीन लिया।'
न्यूजीलैंड में जन्मे कोच ने स्वीकार किया कि इस बड़ी हार से टीम निराश है और उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती इस पराजय से उबरकर वापसी करना है। इस करारी शिकस्त से पाकिस्तान का नेट रन रेट गड़बड़ा गया है और वह ग्रुप ए में भारत और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर खिसक गया है।
अब पाकिस्तान को सुपर आठ में जगह बनाने के लिए अपने आखिरी लीग मैच में नामीबिया को हराना होगा।
हेसन ने कहा, ‘हम जानते हैं कि भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला बड़ा होता है। हमने लगातार पांच (टी20 अंतरराष्ट्रीय) मैच जीते हैं। हम आत्मविश्वास से भरे हैं, लेकिन आज हम बुरी तरह से हार गए। इस समय ड्रेसिंग रूम में काफी निराशा का माहौल है, क्योंकि वे जानते हैं कि पाकिस्तान के लिए यह कितना मायने रखता है।’
उन्होंने कहा, ‘हमने उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया जितना हम कर सकते थे, लेकिन हम जानते हैं कि इस तरह के टूर्नामेंट में हमेशा सब कुछ हमारे पक्ष में नहीं होगा। इसलिए, हमारा काम है खुद को संभालना और यह सुनिश्चित करना कि हम अगले मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन करें।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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