
पैसे से प्यार होता है लेकिन IPL से ज्यादा...कपिल देव की खिलाड़ियों को दो टूक, बताया क्या सबसे जरूरी?
1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने खिलाड़ियों को अहम सलाह दी है। उन्होंने दो टूक कहा कि देश के लिए खेलने से ज्यादा कुछ भी जरूरी नहीं है।
दुनियाभर में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का बोलबाला है। इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि क्या नेशनल टीम की ओर से खेलने से ज्यादा फ्रेंचाइजी लीग को अहमियत दी जानी चाहिए। इंटरनेशनल मैचों के बजाय इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसी फायदेमंद लीग को प्राथमिकता देने वाले खिलाड़ियों का ट्रेंड बढ़ा है। कपिल देव ने इसपर अपनी बेबाक राय रखी है। भारत के महान ऑलराउंडर और 1983 विश्व कप विजेता कप्तान का मानना है कि देश के लिए खेलने से ज्यादा अहम कुछ भी नहीं। उन्हें लगता है कि आखिरी फैसला खिलाड़ी का होता है लेकिन देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सबसे बड़ा सम्मान बना रहना चाहिए।
कपिल ने गुरुवार को कहा, "मुझे लगता है कि हर इंसान अलग होता है। हर किसी को पैसे से प्यार होता है और कुछ खिलाड़ी लीग को प्राथमिकता दे सकते हैं। लेकिन मुझे अब भी लगता है कि इंडिया के लिए खेलना आईपीएल से ज्यादा जरूरी है। हालांकि, हर किसी को अपनी राय रखने का हक है, उनका अपना सोचने का तरीका होता है। उन्हें गुड लक।" महान ऑलराउंडर ने यह बात भारतीय पेशेवर गोल्फ टूर (पीजीटीआई) इवेंट में ‘72 द लीग’ लॉन्च के अवसर पर कही। इस लीग में देश और विदेश के 60 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। भारतीय गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) के शुरू होने के महीनों बाद पीजीटीआई ने यह घोषणा की है।
‘72 द लीग’ दिल्ली-एनसीआर के तीन कोर्स क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब, जेपी ग्रीन्स और कुतुब गोल्फ कोर्स में खेली जाएगी। पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव से जब पूछा गया कि क्या यह लीग आईजीपीएल का जवाब है तो उन्होंने कहा, ''ऐसी लीग बनाना पीजीटीआई की जिम्मेदारी है। दूसरों के पास व्यावसायिक मॉडल हो सकता है लेकिन हमें इस देश में खेल को चलाना है। यही फर्क है।'' उन्होंने कहा, ''72 द लीग के लॉन्च के साथ पीजीटीआई भारत में गोल्फ के विकास के लिए एक नई शुरुआत कर रहा है। पहली बार हमारे पास पीजीटीआई द्वारा मंजूर एक टीम आधारित राष्ट्रीय लीग है जो खिलाड़ियों के लिए नए मौके पैदा करती है।''






