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'हजार बार और कोशिश करता तो भी नहीं पकड़ पाता'; विश्व कप फाइनल में रोहित के कैच को हेड ने बताया ‘अचंभा’

'हजार बार और कोशिश करता तो भी नहीं पकड़ पाता'; विश्व कप फाइनल में रोहित के कैच को हेड ने बताया ‘अचंभा’

संक्षेप:

ट्रेविस हेड ने स्वीकार किया कि रोहित शर्मा का वह कैच लेना उनके लिए भी किसी अचंभे से कम नहीं था। हेड ने अपनी ईमानदारी से सभी को चौंकाते हुए कहा, मुझे लगता है कि अगर मैं उस कैच को पकड़ने के लिए एक हजार बार और कोशिश करता, तो भी मैं उसे नहीं पकड़ पाता।

Jan 12, 2026 11:02 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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19 नवंबर 2023 की वह तारीख भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया की हार का एक सबसे बड़ा मोड़ कप्तान रोहित शर्मा का वह विकेट था, जिसे ट्रेविस हेड के एक 'अविश्वसनीय' कैच ने हकीकत में बदला था। अब महीनों बाद खुद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ट्रेविस हेड ने उस ऐतिहासिक पल पर एक ऐसा खुलासा किया है, जो यह बताता है कि खेल के बड़े मंच पर किस्मत और कौशल का संगम कैसे इतिहास बदल देता है।

'ऑसमेरिकन एसेस' (Ausmerican Aces) के साथ बातचीत के दौरान ट्रेविस हेड ने स्वीकार किया कि रोहित शर्मा का वह कैच लेना उनके लिए भी किसी अचंभे से कम नहीं था। हेड ने अपनी ईमानदारी से सभी को चौंकाते हुए कहा, "मुझे लगता है कि अगर मैं उस कैच को पकड़ने के लिए एक हजार बार और कोशिश करता, तो भी मैं उसे नहीं पकड़ पाता। मैं उनमें से हर एक कैच को छोड़ देता।" उनके इस बयान से स्पष्ट है कि उस पल मैदान पर जो हुआ, वह हेड की अपनी उम्मीदों से भी परे था।

उस फाइनल मुकाबले में रोहित शर्मा जबरदस्त लय में दिख रहे थे और केवल 31 गेंदों में 47 रन बनाकर भारतीय टीम को एक तूफानी शुरुआत दिला चुके थे। जैसे ही उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल की गेंद पर हवा में शॉट खेला, स्टेडियम में मौजूद लाखों दर्शकों को लगा कि गेंद सुरक्षित जगह गिरेगी। लेकिन पीछे की तरफ लंबी दौड़ लगाते हुए ट्रेविस हेड ने जिस तरह हवा में गोता लगाकर कैच लपका, उसने पूरे मैच का पासा पलट दिया। इस क्षण को याद करते हुए हेड ने कहा, "मुझे सच में नहीं पता कि मैंने उसे कैसे पकड़ लिया। वह कैच अविश्वसनीय था।"

हेड ने आगे बताया कि वर्ल्ड कप फाइनल जैसे सबसे बड़े मंच पर वह पल बस उनके पक्ष में चला गया। उन्होंने दोहराया कि अगर उन्हें दोबारा वैसे ही हजार मौके दिए जाएं, तो वे दोबारा उस कैच के करीब भी नहीं पहुंच पाएंगे। ट्रेविस हेड का यह बयान यह साबित करता है कि कभी-कभी 'मिरेकल मोमेंट्स' (चमत्कारी पल) ही चैंपियन का फैसला करते हैं। जहां भारतीय टीम के लिए वह एक दुर्भाग्यपूर्ण अंत की शुरुआत थी, वहीं हेड के लिए वह एक ऐसा करिश्मा था जिसे वे खुद भी दोबारा दोहराने की गारंटी नहीं दे सकते।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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