
यहां तो मैं तक विकेट ले लेता; ईडन गार्डन की पिच पर बरसे पूर्व ओपनर क्रिस श्रीकांत, गंभीर को लगाई लताड़
संक्षेप: ईडन गार्डन्स की पिच की हर तरफ आलोचना हो रही है लेकिन भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पिच की तारीफ करते नहीं थक रहे। कह रहे कि पिच तो अच्छी थी, ठीक वैसी जैसी वे चाहते थे लेकिन भारतीय टीम अच्छा खेली ही नहीं। उनके इस बयान पर पूर्व ओपनर क्रिस श्रीकांत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
दक्षिण अफ्रीका ने दो टेस्ट मैच की सीरीज का पहला मुकाबला जीतकर सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त बना ली है। कोलकाता टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की जीत या फिर भारत की हार से ज्यादा चर्चा ईडन गार्डन्स की पिच की है। भारत समेत दुनियाभर के तमाम पूर्व क्रिकेटर और एक्सपर्ट पिच की आलोचना कर रहे हैं। दूसरी तरफ भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर शर्मनाक हार के बाद भी पिच पर फिदा हैं। कह रहे कि पिच तो हमने जैसी डिमांड की थी, बिल्कुल वैसी ही बनी है। बस हम खेल नहीं पाए। इस बीच भारत के ओपनर रहे क्रिस श्रीकांत ने भी पिच की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ऐसी पिच पर दो अगर वह गेंदबाजी करते तो उन्हें भी विकेट मिल जाते।

कोलकाता टेस्ट ढाई दिन में ही खत्म हो गया। कोई भी टीम मैच की चार पारियों में से किसी में भी 200 रन का आंकड़ा तक नहीं छू पाई। भारत में इससे पहले किसी भी टेस्ट मैच में ऐसा नहीं हुआ था। भारत को जीत के लिए 124 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन भारतीय टीम का स्कोर तीन अंकों तक में नहीं पहुंच पाया और 30 रन से टेस्ट गंवा दिया। मैच के बाद पिच को लेकर बहस तेज हो गई है।
पूर्व मुख्य राष्ट्रीय चयनकर्ता श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'विकेट बहुत ही खराब था। गंभीर ने मैच के बाद कहा कि विकेट में कोई शैतान नहीं था, लेकिन देखो तो जरा, ये एक डरावनी पिच थी। ये टेस्ट मैच का विकेट ही नहीं था। अगर मैच ढाई दिन में खत्म हो जाता है तो साफ है कि विकेट के साथ कुछ न कुछ तो गड़बड़ है।'
उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसी टर्निंग पिचो पर भारत बैकफुट पर रहा है। स्कोर देखिए। 159, 189,153, 93 रन। साफ है कि विकेट में कुछ गड़बड़ था...इस सतह पर तो मैं भी अगर गेंदबाजी करता तो विकेट ले सकता था।’
भारतीय टीम की रणनीति पर सवाल उठाते हुए श्रीकांत ने कहा, 'उन्होंने 4 स्पिनरों को खिलाया और एक स्पिनर (वॉशिंगटन सुंदर) ने तो गेंदबाजी तक नहीं की। दूसरी पारी में उसने एक गेंद तक नहीं फेंकी। मुझे 4 स्पिनरों को चुनने के पीछे का तर्क समझ में नहीं आ रहा। मेरी समस्या इससे नहीं है कि वॉशिंगटन को क्यों चुना गया और उसे 3 नंबर पर क्यों उतारा गया। समस्या इसमें है कि उसे गेंदबाजी क्यों नहीं दी गई।'






