इंग्लैंड ने 1605 दिन बाद छीना भारत का सिंहासन, ICC रैंकिंग्स में बनी दुनिया की नंबर वन टी-20 टीम
पांच मैचों की सीरीज में 4-0 से शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत से टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसका नंबर वन का ताज छीन लिया है। अब आईसीसी रैंकिंग्स में भारत को पछाड़कर इंग्लैंड नंबर वन बन गया है। भारत दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है।

सलामी बल्लेबाज जोस बटलर (131) के आतिशी शतक और उनके कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 95) के साथ दूसरे विकेट के लिए 233 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की मदद से इंग्लैंड ने भारत को पांचवें और अंतिम टी 20 में शनिवार को 56 रन से हरा दिया और 4-0 की क्लीन स्वीप के साथ टी 20 रैंकिंग में भारत को अपदस्थ कर नंबर एक स्थान हासिल कर लिया। मौजूदा समय में इंग्लैंड और भारत दोनों के 168 पॉइंट्स हैं, लेकिन शानदार प्रदर्शन के साथ इंग्लैंड ने एक स्थान का उछाल हासिल किया है और नंबर वन की पोजिशन पर है, वहीं भारतीय टीम अब टी-20 रैंकिंग्स में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलिया तीसरे, न्यूजीलैंड चौथे और दक्षिण अफ्रीका पांचवें स्थान पर है। भारत 1605 दिनों तक लगातार नंबर वन रहा। रोहित शर्मा के समय शुरू हुई टीम इंडिया की बादशाहत, सूर्यकुमार यादव तक चली लेकिन अब 1605 दिनों के बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया ने नंबर वन का ताज खो दिया है।
ऐसा रहा भारत बनाम इंग्लैंड पांचवें टी-20 मैच का हाल
मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाने के बाद भारत को 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन पर रोक दिया। भारत को जीत के लिए 258 का लक्ष्य मिला था और अभिषेक शर्मा (3) के रूप में शुरुआती झटके के बीच संजू सैमसन ने आक्रामक शुरुआत की थी। इशान किशन ने भी उनका साथ दिया, हालांकि सैमसन (27) एक बड़ी पारी नहीं खेल पाए। किशन (56) और श्रेयस अय्यर (28) के बीच साझेदारी पनपी और 10 ओवर की समाप्ति पर दोनों भारत को दो विकेट के नुक़सान पर 110 रन तक ले गए। हालांकि अगली ही गेंद पर श्रेयस आउट हो गए और यहां से भारतीय पारी बिखरनी शुरू हुई। किशन भी अर्धशतक बनाकर आउट हुए। तिलक वर्मा (53) के बल्ले से भी अर्धशतक निकला लेकिन तब तक भारत काफ़ी पिछड़ चुका था और अंत में भारत यह मुक़ाबला 56 रनों से हार गया। इस हार के साथ ही इंग्लैंड टी 20 रैंकिंग में भारत को पछाड़ते हुए शीर्ष पर पहुंच गया है।
इससे पहले बटलर ने 64 गेंदों पर 12 चौकों और आठ छक्कों की मदद से 131 रनों की आतिशी शतकीय पारी खेली जिसके लिए वह प्लेयर ऑफ द मैच बने। बटलर और हैरी ब्रूक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। शिवम दुबे ने 19वें ओवर में हालांकि 22 रन दिए लेकिन दो विकेट भी चटकाए। प्रिंस यादव की गेंद पर ब्रूक ने चौका मारकर इंग्लैंड को 250 के पार पहुंचाया। पहली बार इस प्रारूप में इंग्लैंड ने भारत के ख़िलाफ़ 250 का आंकड़ा पार किया। पहले गेंदबाजी करने उतरे भारत को फ़िल सॉल्ट के रूप में जल्दी ही शुरुआती सफलता मिल गई लेकिन इसके बाद हैरी ब्रूक और जोस बटलर ने इंग्लैंड की पारी को गति दे दी। ब्रूक ने 19 गेंदों पर इस प्रारूप में अपना सबसे तेज़ अर्धशतक पूरा किया जबकि जॉस बटलर ने 34 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। बटलर ने इस प्रारूप में 18 पारियों बाद अर्धशतक लगाया और बात सिर्फ़ यहीं समाप्त नहीं हुई, उन्होंने 51 गेंदों पर अपना शतक भी पूरा किया और ब्रूक के साथ दूसरे विकेट के लिए 233 रनों की विशालकाय साझेदारी भी की। ब्रूक 45 गेंदों में चार चौकों और आठ छक्कों की मदद से 95 के स्कोर पर नाबाद रहे और इंग्लैंड ने पहली बार टी20 में भारत के ख़िलाफ़ 250 का आंकड़ा पार किया।
बटलर ने 16वें ओवर में शानदार शतक पूरा किया, जबकि ब्रुक ने नाबाद 95 रन बनाए और ज़बरदस्त पावर-हिटिंग का नमूना पेश किया। खराब फील्डिंग ने भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं। कई कैच छूटे, जिससे दोनों बल्लेबाजों को मिले मौकों का पूरा फायदा उठाने का मौका मिला। गेंदबाजों ने मौके तो बनाए, लेकिन एक बार फिर - जैसा कि पूरी सीरीज़ में होता रहा है - फील्डरों से साथ न मिलना भारी पड़ा।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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