इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के आंख की हुई सर्जरी, चेहरे पर लगी थी गेंद
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने अपनी दाईं आंख की सर्जरी कराई है जो सफल रही है। उनके चेहरे पर गेंद लग गई थी जिससे उनकी आंख चोटिल हो गई थी। 34 साल के ऑलराउंडर ने पिछले हफ्ते इंस्टाग्राम स्टोरी में एक तस्वीर डाली थी जिसमें उनकी आंख बुरी तरह से सूजी हुई थी।

इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने अपनी दाईं आंख की सर्जरी कराई है जो सफल रही है। उनके चेहरे पर गेंद लग गई थी जिससे उनकी आंख चोटिल हो गई थी। 34 साल के ऑलराउंडर ने पिछले हफ्ते इंस्टाग्राम स्टोरी में एक तस्वीर डाली थी जिसमें उनकी आंख बुरी तरह से सूजी हुई थी। उनके गाल और होंठ छिल गए थे और नाक पर बैंडेज लगा हुआ था।
तस्वीर के साथ स्टोक्स ने हंसते हुए चेहरे की इमोजी के साथ लिखा था, 'आपको क्रिकेट बॉल की दशा देखनी चाहिए।'
मंगलवार को उन्होंने अस्पताल से एक और फोटो पोस्ट किया था। उसमें भी उनका चेहरा सुजा हुआ था और कैप्शन में उन्होंने लिखा था, ‘हो सकता है ऐसा न दिखे लेकिन सर्जरी सफल रही है।’
बेन स्टोक्स ऑस्ट्रेलिया दौरे से आने के बाद अभी इंग्लैंड में हैं। एशेज में उनकी टीम को 4-1 से बुरी तरह शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उसके बाद उनकी कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि स्टोक्स साफ कर चुके हैं कि टेस्ट में वह टीम की कप्तानी करते रहना चाहते हैं। उनकी कप्तानी बचेगी या छिनेगी, इसका फैसला ईसीबी की समीक्षा के बाद सामने आएगा।
बेन स्टोक्स इंग्लैंड के लिए अब सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में दिखते हैं। वह इंग्लैंड के वाइट-बॉल सेट-अप का हिस्सा नहीं हैं। टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम के स्क्वाड में भी वह शामिल नहीं हैं।
इंग्लैंड को अब जून में न्यूजीलैंड के साथ टेस्ट सीरीज खेलना है। उसमें अभी समय है और तब तक बेन स्टोक्स सर्जरी के बाद पूरी तरह ठीक भी हो चुके होंगे।
बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए अब तक 120 टेस्ट मैच खेले हैं। बल्लेबाजी की बात करें तो उनके नाम 7216 टेस्ट रन हैं। उनका टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर 258 रन है और औसत 34.85 का है। बेन स्टोक्स ने टेस्ट क्रिकेट में 14 शतक और 37 अर्धशतक भी लगाए हैं।
स्टोक्स की टेस्ट में गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने अभी तक 245 विकेट लिए हैं। उनका टेस्ट मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 161 रन देकर 8 विकेट है। पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बात करें तो स्टोक्स ने 22 रन देकर 6 विकेट लिए हैं।
बेन स्टोक्स ने 114 ओडीआई भी खेले हैं जिनमें उनके नाम 3463 रन हैं। उन्होंने ओडीआई में 5 शतक और 24 अर्धशतक भी लगाए हैं। इसी तरह इस फॉर्मेट में उनके नाम 74 अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं।
स्टोक्स का टी20 इंटरनेशनल करियर बहुत सीमित रहा है। उन्होंने 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिनमें उनके नाम 585 रन और 26 विकेट दर्ज हैं।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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