पूर्व पाकिस्तानी चयनकर्ता मुहम्मद वसीम का बड़ा आरोप, कहा- इमाम उल हक चोटों का बहाना बनाते हैं
पाकिस्तान के पूर्व चयनकर्ता मुहम्मद वसीम ने आरोप लगाया है कि बल्लेबाज फर्जी चोटों को बहाना बनाते हैं, उन्होंने नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम उल हक के चोटिल होने के बाद बल्लेबाजी पर नहीं आने पर था।

पाकिस्तान की टीम की इंग्लैंड में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लगातार बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन ने टीम को दूसरा मैच भी गंवाने के करीब पहुंचा दिया है। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम दूसरे टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 110 रनों पर ढेर हो गई। लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम उल हक चोटिल भी हो गए हैं और बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे। ओली रॉबिन्शन और जोफ्रा आर्चर की कहर बरपाती गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज टिक नहीं सके। वहीं बल्लेबाज इमाम-उल-हक पिंडली में खिंचाव के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे। हालांकि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता मुहम्मद वसीम ने आरोप लगाया है कि इमाम चोटों का बहाना बनाते हैं।
पूर्व चयनकर्ता ने सुनाया किस्सा
मुहम्मद वसीम ने खिलाड़ी का नाम नहीं लिया। लेकिन बल्लेबाज के लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं करने पर शुरू हुई चर्चा ने चीजें स्पष्ट कर दी। इंग्लैंड के खिलाफ जारी सीरीज में पाकिस्तान के संघर्ष पर चर्चा करते हुए , पूर्व चयनकर्ता ने मुल्तान में इंग्लैंड के खिलाफ 2022 के पाकिस्तान के टेस्ट मैच की एक घटना का जिक्र किया और कहा कि उन्हें पहले से ही आगाह कर दिया गया था कि खिलाड़ी फिटनेस समस्या बताएगा, जबकि असल में वह चोटिल नहीं था। टीम फिजियोथेरेपिस्ट ने उन्हें इस घटना की जानकारी उस खिलाड़ी के समस्या बताने से पहले ही दे दी थी। इसके बाद उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट को ऐसे “किरदारों” से आगे बढ़ना होगा।
मुहम्मद वसीम ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''2022 में मुल्तान टेस्ट में, फिजियो आए है और मुझे चेताया कि ये (झूठी चोट का बहाना) होने वाला था और उसने ये किया। उसे अनफिट नहीं होना चाहिए। फिर उसने कहा कि ये पहले हुआ था। कोचों ने भी शिकायत की थी।''
सरफराज अहमद कार्रवाई करेंगे
उन्होंने आगे कहा, ''हमें ऐसे किरदारों से छुटकारा पाना होगा क्योंकि यही मैसेज टीम के अन्य लोगों को भी जाता है। यह सिलसिला दोहराया जा रहा है और जो लोग जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें इस पर गौर करने की जरूरत है। हमें अब कार्रवाई करनी चाहिए। घरेलू क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी, जिनमें यह खिलाड़ी भी शामिल है, घास वाली पिचों पर खेलते ही नहीं। वे तब बल्लेबाजी करने आते हैं जब पिचें सपाट हो जाती हैं या टर्न लेने लगती हैं। यदि आप इतिहास पर नजर डालें, तो आप जान जाएंगे कि बार-बार ऐसा करने वाले कौन हैं। यह उनके स्वभाव का हिस्सा है। वह लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी करने नहीं आए। मुझे यकीन है कि सरफराज अहमद यह देख रहे हैं और वे कार्रवाई करेंगे।''



