
दलीप ट्रॉफी फाइनल: सेंट्रल जोन ने कसा शिकंजा, 11 साल में पहली बार खिताब के करीब
दलीप ट्रॉफी के फाइनल पर सेंट्रल जोन ने अपना शिकंजा कस लिया है। उसकी जीत अब महज औपचारिकता रह गई है। पांचवें दिन उसे जीत के लिए सिर्फ 65 रन बनाने हैं। इससे पहले साउथ जोन ने अपनी दूसरी पारी में 426 रन बनाए।
दलीप ट्रॉफी फाइनल पर सेंट्रल जोन ने अपना शिकंजा कस लिया है। साउथ जोन के अंकित शर्मा और आंद्रे सिद्धार्थ ने रक्षात्मक बल्लेबाजी का बेहतरीन नमूना पेश किया लेकिन सेंट्रल जोन 11 साल में पहली बार दलीप ट्रॉफी खिताब जीतने के करीब है। उसे पांचवें और आखिरी दिन जीत के लिये सिर्फ 65 रन की जरूरत है ।

अपने शनिवार के स्कोर दो विकेट पर 129 रन से आगे खेलते हुए दक्षिण ने पहले सत्र में 120 रन जोड़े लेकिन चार विकेट भी गंवाये। उसकी दूसरी पारी 426 रन पर खत्म हो गई। मध्य के लिये स्पिनर कुमार कार्तिकेय और सारांश जैन ने मिलकर सात विकेट चटकाये।
दक्षिण क्षेत्र के पास सिर्फ 64 रन की बढ़त है और पांचवें दिन मध्य क्षेत्र के लिये जीत बस औपचारिकता मात्र लग रही है ।
अंकित (168 गेंद में 99 रन) और सिद्धार्थ (190 गेंद में नाबाद 84) ने सातवें विकेट के लिये 192 रन जोड़े। एक समय दक्षिण का स्कोर छह विकेट पर 222 रन था और पारी की हार टालने के लिये 363 रन के लक्ष्य से टीम 141 रन पीछे थी ।
मध्य के लिये कार्तिकेय ने 110 रन देकर चार और जैन ने 130 रन देकर तीन विकेट लिये।
अंकित शतक से एक रन से चूक गए और कार्तिकेय की गेंद पर रजत पाटीदार को आसान कैच दे बैठे। अंकित के आउट होने के बाद दक्षिण के बाकी तीन विकेट आसानी से निकल गए।
साउथ जोन ने पहली पारी में सिर्फ 149 रन बनाए थे। जवाब में सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 511 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। दूसरी पारी में साउथ जोन ने अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन वह सेंट्रल जोन को बड़ा लक्ष्य देने में नाकाम रही। साउथ ने दूसरी पारी में 426 रन बनाए। इस तरह उसने सेंट्रल जोन को जीत के लिए 65 रन का लक्ष्य दिया है, जिसके पास सोमवार का पूरे दिन का समय है।






