विश्व कप पर भावनाओं में बहकर न लें कोई फैसला; पूर्व कप्तान तमीम इकबाल की बांग्लादेश बोर्ड को नसीहत
पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) से अपील की है कि अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में टीम की भागीदारी के बारे में फैसला लोगों की भावनाओं से प्रभावित नहीं हों क्योंकि ऐसे किसी भी निर्णय का असर अगले 10 साल तक पड़ सकता है।

पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) से अपील की है कि अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में टीम की भागीदारी के बारे में फैसला लोगों की भावनाओं से प्रभावित नहीं हों क्योंकि ऐसे किसी भी निर्णय का असर अगले 10 साल तक पड़ सकता है।
बांग्लादेश ने सात फरवरी से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत का दौरा करने में हिचकिचाहट दिखाई है और अपने मैच सह-मेजबान श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग की है। यह तब हुआ जब हिंदुओं पर हमलों के बीच बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा रिलीज कर दिया गया।
तमीम इकबाल ने ‘क्रिकबज’ से कहा, ‘स्थिति फिलहाल थोड़ी गंभीर है और अभी अचानक कोई बयान देना मुश्किल है। लेकिन यह ध्यान में रखना चाहिए कि अगर सब मिलकर काम करें तो कई समस्याएं संवाद के माध्यम से हल हो सकती हैं।'
उन्होंने कहा, ‘आपको यह देखना होगा कि बांग्लादेश विश्व क्रिकेट में कहां खड़ा है और बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य क्या हो सकता है। फिर उसी आधार पर निर्णय लेना चाहिए।’
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने स्थल बदलने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रीय गौरव का हवाला दिया और सरकारी गलियारों में भारत विरोधी बढ़ती भावना को जारी रखा।
बीसीबी और सरकार के बीच इस मुद्दे पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। अमिनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व वाला बीसीबी इस दृष्टिकोण से पूरी तरह सहमत नहीं है।
तमीम ने स्पष्ट किया, ‘हम बीसीबी को एक स्वतंत्र संस्था मानते हैं। निश्चित रूप से सरकार बड़ी भूमिका जरूर निभाती है और उसके साथ चर्चा जरूरी है, लेकिन अगर हम बीसीबी को स्वतंत्र मानते हैं तो इसे अपने निर्णय लेने का अधिकार भी होना चाहिए।'
उन्होंने कहा, ‘अगर बोर्ड किसी फैसले को सही मानता है तो उसे वह निर्णय लेना चाहिए। सार्वजनिक राय हमेशा अलग-अलग होगी। जब हम खेलते हैं, दर्शक भावनाओं से प्रभावित होकर कई बातें कहते हैं। लेकिन अगर आप उन सब के आधार पर निर्णय लेने लगेंगे तो इतनी बड़ी संस्था नहीं चला पाएंगे।’
तमीम ने कहा, ‘आज के फैसले का असर अगले दस साल तक पड़ेगा इसलिए निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में लिया जाना चाहिए। यही मेरा व्यक्तिगत विचार है।’
छत्तीस वर्षीय तमीम ने अपने करियर में 70 टेस्ट, 243 वनडे और 78 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने बीसीबी और सरकार द्वारा हर दिन जारी बयानों की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा, ‘अंतिम फैसला लेने और आंतरिक चर्चा पूरी करने के बाद ही उसे सार्वजनिक रूप से बताया जाना चाहिए। हर कदम सार्वजनिक रूप से बताने से अनावश्यक अस्थिरता पैदा होती है जो अभी हो रही है।’
तमीम ने कहा, ‘अगर फैसला कल या एक हफ्ते बाद बदल जाता है तो आप अपने पहले दिए गए बयान कैसे समझाएंगे?’
उन्होंने अंत में कहा, ‘जो भी अंतिम फैसला हो, मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश क्रिकेट के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। और फैसले से पहले बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखा जाएगा।'

लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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